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सांप की केंचुली क्या है, इसके फायदे, लाभकारी टोटके


मित्रों इस लेख में आपका स्वागत है आप सभी सांप की केचुली (saanp ki kenchuli) को तो जानते ही होंगे यह सांप की उपरी परत होती है जिसे सांप उतार देता है सांप की केंचुली वसंत के दिनों में अत्यधिक देखने को मिलती है वृद्ध सांप अपने केंचुली को वर्ष में दो बार निकलते हैं और जो युवा सांप होते है वे साल में 3 से 4 बार अपने केंचुली को निकालते है।

विश्व में 2500 सांपो की प्रजातियां पाई जाती हैं जिनमें से 500 प्रजातियां ही जहरीली है और भारत में 300 प्रकार के सांप पाए जाते हैं जिनमें से लगभग 50 प्रजातियां ही जहरीली है। 70 प्रतिशत सांप अंडे देते हैं और 30 प्रतिशत सांप बच्चे देते हैं। सांप की आयु लगभग 120 साल होती है।

सांप इतने जहरीले नहीं होते हैं जितने लोगों द्वारा भ्रांतियां फैलाई गई है, सांप सुनते नहीं है आपने देखा होगा कि सांप को सपेरे बीन बजाकर नचाते है सांप सिर्फ बीन के इशारे को देखकर हिलता है वह सुनता नहीं है उसके कान बंद होते हैं। सांप दूध नहीं पीता है भूखा रखने से उसे दूध पिलाया जाता है ये कुछ भ्रांतियां है जो सपेरे खाने कमाने के लिए करते हैं

सांप कांचली क्यों उतरता है – saanp ki kenchuli ke totke

सांप अपने केंचुली को इसलिए उतारते हैं जिससे यह अपने अंदर रहने वाले परिजीवियों से बच सकें। इनके अंदर एक खास बात यह भी होती है कि इनकी त्वचा मानवों जैसी नहीं होती है जो रोजाना बढ़ती रहे इनकी त्वचा बढ़ने की दर निश्चित होती है और उस विकास के पश्चात इनकी त्वचा का विकास नहीं होता।

सांप के केंचुली छोड़ने से पहले उसके शरीर के निचले हिस्से में त्वचा आ जाती है इसके पश्चात वह अपनी पुरानी त्वचा का त्याग करता है। इनकी केंचुली को दूर से देखने पर ऐसा प्रतीत होता है जैसे वह सांप ही है क्योंकि इनकी कांचली इनकी ऊपरी परत होती है इसलिए यह सांप जैसी ही लगती है।

सांप अपनी केंचुली कैसे निकालता है – saanp ki kechuli ke upyog

जब सांप अपनी त्वचा को बदलने हेतु पूर्ण रूप से तैयार हो जाता है तब वह अपनी परत को ढीला करने हेतु अपने मुख के पास से एक चीर का निर्माण करता है जो उसे परत को बदलने में सहायता प्रदान करता है। ये चीर पहाड़ी इलाकों या किसी खुरदार चीजों से रगड़कर बनाते हैं और एक बार पुरानी त्वचा निकलने के पश्चात ये नई त्वचा को धारण करते है।

मित्रों सांप एक ऐसी प्रजाति है जिसे अपने त्वचा को खुद बदलना पड़ता है यह इनके लिए अतिआवश्यक होता है मनुष्यों की त्वचा अपने आप बदलती हैं और वह धीरे धीरे एक एक स्थान से होकर बदलती है लेकिन इनकी त्वचा पूरे शरीर में एक साथ बदलती है इसलिए आपको इनकी पूरी केचुली देखने को मिलती है।

सांप को केचुली निकालने में होती है परेशानी – saanp ki kenchuli

जो सांप पालक हैं वे इनकी केंचुली निकालने में इनकी पूरी सहायता करते हैं और वे सांप जो वन में होते हैं उन्हें उनकी केंचुली निकालने में अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है अगर कांचली निकालते समय केंचुली इनकी आंखों के पास जमा हो जाए तो ये अंधे भी हो सकते हैं और एक अंधा सांप मेरे हुए सांप के बराबर होता है।

कैसे पता करें कि सांप केंचुली छोड़ने वाला है :- saanp ki kechuli ke upay

अगर आप सांप को ध्यानपूर्वक देखेंगे तो आप पता लगा सकते हैं कि सांप केंचुली छोड़ने वाला है इनके कुछ ऐसे लक्षण है जिनके माध्यम से पता लगाया जाता है कि ये कांचली छोड़ने वालें हैं।
वह खुरदरी जगह पर अपने आपको रगड़ता है।
खाना कम खाता है या इस दौरान वह खाना खाता ही नहीं है।
सांप अपने आपको छिपाने की कोशिश करता यदि आप सांप पालक है तो इस समय वह काफी छिपता है।
त्वचा सुस्त व धुंधली दिखाई देने लगती है इस समय सांप का पेट गुलाबी रंग जैसा दिखाई देता है
इस समय सांप की आंखे धुंधली दिखाई देने लगती है इसके अलावा सांप के आंख के आसपास की त्वचा ढीली हो जाती है जो इशारा करता है कि सांप अपनी केंचुली छोड़ने वाला है।
इस समय उसे ढंग से दिखाई नहीं देता है।
जहां पर सांप पाला जाता है पालक सांप को खुरदरी चट्टान के पास रखते हैं जिससे सांप आसानी से अपने केंचुली को उतार सके।
ऐसे समय में सांप को अधिक नमी कि आवश्यकता होती है इसलिए इस दौरान सांप नमी वाले वातावरण में अधिक समय बिताते हैं।
जब सांप अपनी केंचुली को निकाल देता है तो ऐसे समय में उसकी नई त्वचा नाजुक होती है ऐसी अवस्था में कभी कभी इसे चोट भी लग जाती है।
सांप की कांचली से सांप की जाति का पता लगाया जा सकता है इसके अलावा इसके अंदर की सलवटों से भी पता लगाया जा सकता है।
यदि सांप अपनी त्वचा पूर्ण रूप नहीं बदल पाता है तो समस्या उसके निवास स्थान में हो सकती है या उसका स्वास्थ्य खराब हो सकता है।
सांप अपनी केंचुली उतारने के बाद एकदम ताज़ा महसूस करता है शिकार पूरी फुर्ती से करता है उसके अंदर नई ऊर्जा का संचार हो जाता है उसका केंचुली उतारना उसके नवजीवन की शुरुआत होती है ऐसा करने से उनके लेकिन इससे इनका उम्र कम नहीं होता बल्कि इनके उम्र में बढ़ोत्तरी होती है। ऐसा करने से इनके शरीर में काफी चमक आ जाती है।
सांप के केंचुली उतारने का बड़ा कारण यह भी है कि जब इन्हें अंदरुनी रोग होता है तब भी ये उससे छुटकारा पाने हेतु अपने कांचली को उतारते है।

सांप की केंचुली के टोटके – (saanp ki kanchli se totka)

(1) नकारात्मक शक्ति को दूर करने हेतु :- (saanp ki kenchuli ke totke)

सांप की केंचुली नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में अत्यधिक लाभदायक है नाग पंचमी के दिन सिद्ध सांप की केंचुली को घर में स्थापित करने से घर में रहने वाली सभी नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति प्राप्त होती है। इस बात का अवश्य ध्यान रखें कि सांप की केंचुली सिद्ध होनी आवश्यक है नहीं तो यह कोई की नहीं करेगा।

अगर आप चाहें तो हमारे नवदुर्गा ज्योतिष केंद्र से कम कीमत में सांप की केंचुली खरीद सकते हैं जो की आपको मात्र 251₹ में मिल जाएगा (डिलेवरी फ्री)

(2) धन प्राप्ति हेतु सांप की कांचली (saanp ki kechuli ke fayde)

मित्रों प्राचीन काल से ही ऐसा माना जाता है कि सांप कि कांचली को सोने या चांदी के सिक्के के साथ चंदन कि लकड़ी के बॉक्स में रखा जाएं तो घर में धन की समस्याएं दूर हो जाती हैं धन के आने के अनेकों मार्ग उत्पन्न होते हैं इसके अलावा कर्ज दूर होता है।

यदि आपके घर में धन अधिक आता है लेकिन धन घर में स्थिर नहीं होता तो ऐसी स्तिथि में आप यह उपाय कर सकते हैं इससे आपको अधिक लाभ प्राप्त होगा।

(3) भूत प्रेत बाधा से बचाव (saanp ki kechuli ke totke in hindi)

सांप की केंचुली को पीसकर उसमें वच, हींग तथा सूखी नीम की पत्तियों के मिश्रण को गाय के ऊपले पर डालकर लोहबान, गूगल का भी मिश्रण मिलाकर घर में मंगलवार से मिट्टी के सकोरे पर रखकर घर में इस धूमनी को घुमाएं। ऐसा करने से भूत-प्रेत व अन्य सभी बाधाएं दूर हो जाएंगी।

मित्रों अगर आप भूत, प्रेत, जिन्न आदि से परेशान हैं और आप इसे ठीक करने हेतु काफी पैसा फूंक चुके हैं और अभी भी आप परेशान हैं तो ऐसी स्तिथि में आप हमारे नवदुर्गा ज्योतिष केंद्र से भूत प्रेत निवारण ताबीज मंगा सकते हैं जिसे धारण करने मात्र से ही आपको आराम प्राप्त होगा जिसकी कीमत हमने जनकल्याण हेतु बहुत कम रक्खी है। ताबीज मात्र : 251₹

(4) हमेशा के लिए नजर से बचने हेतु :- (saanp ki kechuli ka upyog)

सांप की कांचली नजर उतारने में बहुत लाभकारी है अगर आपके घर में किसी को नजर लग गई है तो आपको अंजन, इलायची, दो लौंग और गूगल और लोबान लेना है और उसमें सांप कि केंचुली मिलाकर किसी खीरे पर डाल देना है इसके पश्चात 7 बार नजर उतारना है और उसे एक तरफ फेंक देना है। ऐसा करने के पश्चात नजर लगना ही दूर हो जाएगा और आप एक आनंदमय जीवन का आनंद ले सकेंगे।

सांप की केंचुली के फायदे – (saanp ki kechuli ke fayde)
आंखो के लिए फायदेमंद :-

दोस्तों कई बार आंखे दुखने लगती है ऐसी स्तिथि में सांप की केंचुली (saanp ki kenchuli ke upay) अत्यंत लाभदायक है इसे आंखो में फिराने से आंख दुखना बंद हो जाता है ये सभी ज्योतिष उपाय है जो आप करके लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

दिव्यदृष्टि कैसे प्राप्त करें ? और इसके अत्यंत शक्तिशाली फायदे


आप सभी ने तीसरी आंख के बारे में तो सुना ही होगा इसी को दिव्य नेत्र, दिव्य चक्षु और दिव्य दृष्टि आदि नामों से जाना जाता है। इस नेत्र के खुलने पर मनुष्य के जीवन में ऐसी शक्तियों का संचार होता है जिसका कोई अनुमान भी नहीं लगा सकता । इस नेत्र के खुलने पर भूत, भविष्य और वर्तमान आसानी से जाना जा सकता है, घर बैठे तीनों लोकों की यात्रा की जा सकती है।

किन किन को मिली दिव्य दृष्टि – divya drishti kaise prapt kare

मित्रों इतिहास में कुछ ऐसे महापुरुष हुए जिन्हें दिव्य दृष्टि प्रदान की गई थी आइए उनके बारे में जानते हैं –

(1) आप सभी जानते है महाभारत में धृतराष्ट्र जन्मांध थे इसीलिए वे महाभारत का युद्ध देख नहीं सकते थे उनकी इस कठिनाई को देखते हुए भगवान श्री कृष्ण ने संजय को दिव्य दृष्टि प्रदान कि जिससे वे महाभारत युद्ध की पल पल की खबर जान सकें।

(2) भगवान वाल्मीकि के पास भी दिव्य दृष्टि थी जिससे वे एक स्थान पर बैठे भूत, भविष्य और वर्तमान देख लिया करते थे जिसकी मदद से ही उन्होंने भगवान राम के जन्म से पहले ही पूरी रामायण लिख दी थी । पूरे रामायण में इन्होंने दिव्य दृष्टि का अनेक बार प्रयोग किया था।

(3) गीता के ज्ञान के समय जब भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को विराट स्वरूप दिखाया तो उस समय अर्जुन को भगवान कृष्ण द्वारा दिव्य दृष्टि प्रदान की गई थी जिससे वे श्री हरी के इस महाशक्तिशाली रूप का दर्शन कर सकें लेकिन ये दिव्य दृष्टि कुछ समय के लिए ही दी गई थी।

दिव्य दृष्टि को मंत्र, शक्तिपात, साधना से प्राप्त किया जा सकता है यदि गुरु शक्तिपात कर दे तो यह मिलने वाले व्यक्ति का सौभाग्य ही होगा कि उसे बिना कठिनाई के दिव्य दृष्टि प्राप्त हो गई इसके अलावा इसे कर्ण पिसाचिनी के माध्यम से भी प्राप्त किया जा सकता है कर्ण पिसाचीनी भूत और वर्तमान बता सकती है भविष्य नहीं। इसीलिए इसे मंत्र और साधना के माध्यम से प्राप्त किया जाता है।

दिव्य दृष्टि को प्राप्त करने के महाशक्तिशाली फायदे – divya drishti kaise prapt kare

मित्रों दिव्य दृष्टि प्राप्त करने से पहले इसके लाभ जानना अत्यंत आवश्यक है जिससे आपकी दिव्यदृष्टि प्राप्त करने की उत्सुकता अधिक तीव्र हो।

(1) दिव्य दृष्टि के माध्यम से एक स्थान पर बैठे तीनों लोकों के दर्शन कर सकते है। घर बैठे बैठे विदेश का आनंद प्राप्त कर सकते हैं कहीं जाने की आश्यकता नहीं पड़ेगी।

(2) दिव्य दृष्टि के माध्यम से भूत, भविष्य और वर्तमान जाना जा सकता है इसके एक स्मरण मात्र से आप कहीं का भी हाल जान सकते हैं, घर पर बैठे गांव का हाल जान सकते हैं और इससे भविष्य की बातें भी जान सकते हैं कि आपके आने वाले समय में आपके साथ क्या होगा इन सभी बातों को आप जान सकते हैं इसके अलावा भूतकाल की बातें भी जानी जा सकती हैं।

(3) दिव्य दृष्टि से भगवान के दर्शन किए जा सकते हैं इसके माध्यम से आप किसी भी देवी और देवता को प्रत्यक्ष देख सकते है उनसे बातें कर सकते हैं सत्य लोक, इन्द्र लोक, यम लोक, स्वर्ग लोक, नर्क लोक, सर्प लोक, ध्रुव लोक, तपो लोक, पाताल लोक, महर लोक, सप्तऋषि लोक ऐसे ही अनेकों लोकों के दर्शन कर सकते हैं।

(4) खोई हुई चीजों का पता लगाया जा सकता है अगर आपकी कोई चीज चोरी हो गई है या खो गई है तो दिव्य दृष्टि के माध्यम से उसके नाम स्मरण मात्र से ही वह वस्तु कहां हैं वह आपको दिखने लगेगी जिससे आप अपने वस्तु कि पुन: प्राप्ति कर सकते हैं।

(5) समक्ष खड़े व्यक्ति के मन की बातें जान सकते हैं कि वह आपके लिए क्या सोचता है अभी हाल में क्या सोच रहा है और इसके माध्यम से आप किसी का सम्मोहन भी कर सकते हैं दिव्य दृष्टि यह एक त्राटक का ही हिस्सा है त्राटक के माध्यम से दिव्य दृष्टि की प्राप्ति करना यह थोड़ा मुश्किल है लेकिन इसके लिए गुरु से संपर्क होना अति आवश्यक है।

(6) मित्रों दिव्य चक्षु के खुलने से मनुष्य के जीवन में प्रलय आ जाता है वह ब्रह्म ज्ञानी हो जाता है उसे लौकिक, अलौकिक और पारलौकिक का समस्त ज्ञान प्राप्त हो जाता है वह इस लौकिक मोहमाया में न फंसकर परमात्मा को प्राप्त हो जाता है इसके एक बार खुलने से ये कभी बंद नहीं होता लेकिन इसका प्रयोग हमेशा करते रहना चाहिए।

(7) इसी के माध्यम से हमारे ऋषि और मुनि समाधि धारण करते थे । दिव्य दृष्टि के प्राप्त होने पर आसानी से समाधि लिया जा सकता है बिना दिव्य दृष्टि के समाधि लेना संभव नहीं है। आज भी ऐसे बहुत से महान ऋषि है जो समाधि लेना जानते हैं इनमें से हमारे गुरु राजकुमार दासजी को गिना जा सकता है।

दिव्य दृष्टि कैसे प्राप्त करें – divya drishti kaise prapt kare

मित्रों त्राटक साधना एक लंबी प्रक्रिया है और इसे बिना गुरु के सानिध्य में नहीं करना चाहिए अगर आप त्राटक साधना के माध्यम से दिव्य दृष्टि प्राप्त करना चाहते हैं तो आप हमारे पूज्य गुरुजी से संपर्क कर सकते हैं उनके सानिध्य में आप आसानी से दिव्य दृष्टि प्राप्त कर सकते हैं।

महाकाली साधना कैसे करें और इसके महाशक्तिशाली फायदे


नमस्कार मित्रों इस लेख में आपका स्वागत है आज हम जानने वाले हैं कि माता काली की सिद्धि कैसे करें और इन्हें सिद्ध करने के महाशक्तिशाली फायदे कौन कौन से है –

  1. माता काली की उत्पत्ति (mahakali sadhna) – मित्रों माता दुर्गा का यह एक अत्यंत प्रलयकारी रूप है और माता दुर्गा ने राक्षसों का नाश करने हेतु इस रूप को धारण किया था । हमारे शास्त्रों में माता दुर्गा के इस रूप को धारण करने की अनेक कथाएं मौजूद हैं और उनमें से ये एक कथा इस प्रकार है –

एक समय की बात है एक दारुक नामक राक्षस ने इस सृष्टि के रचनाकार ब्रह्मदेव को प्रश्न करके उनसे वरदान मांगकर वह देवों और संतों को ज्वालामुखी के गरम लावे के समान कष्ट देने लगा। उसने अपनी शक्ति का प्रयोग करके सभी धार्मिक कार्यों को बंद करवा दिया और स्वर्गलोक का सम्राट बन गया।

इस असुर से कष्टप्रद होकर सभी देवी और देवता ब्रह्मदेव और श्री हरि विष्णु के पास गए इनकी परेशानी को सुनकर ब्रह्मदेव ने कहा कि दारूक को सिर्फ स्त्री ही मार सकती है। इसके पश्चात सभी देवी देवता महादेव के पास कैलाश पर्वत पहुंचे और अपनी समस्या उन्हें बताते हैं इनकी बातों को सुनकर भगवान शिव अपनी पत्नी माता पार्वती की और अपना मुख करके उनसे प्रार्थना करते हैं ” हे जगत जननी जगत के कल्याण हेतु और असुर दारुक की हत्या हेतु आप कुछ करें ।

यह सुनकर जगत कल्याणी माता पार्वती मुस्कुरातिं हैं और अपने के अंश को भगवान शिव के अंदर प्रवेश करवातीं है और इस माया को सभी देवी देवता और इंद्रदेव देख नहीं पाते उन्हें ऐसा लगता है जैसे माता पार्वती उनके समक्ष ही हैं।

माता जगतारिणी का यह अंश महाकाल के शरीर के अंदर प्रवेश करके उनके कंठ के विष में अपने आकार का निर्माण करने लगा और विष के प्रभाव के कारण वह काला रंग में परिवर्तित हो गया। भगवान शंकर ने अपने अंदर के अंश को पहचान कर अपनी तीसरे नेत्र को खोला जिससे प्रलयकारी रूप धारण करने वाली माता काली उत्पन्न हुईं।

माता कालिका के ललाट पर तृतीय नेत्र और चन्द्र रेखा थी। हाथ में त्रिशूल और अनेक प्रकार के वस्त्रों और आभूषणों से महाकाली सजिं हुई थी और उनके कंठ में कराल विष का भी चिन्ह भी था ।

माता कालरात्री की एक ही दृष्टि से दारुक समेत सभी असुर जल कर राख में परिवर्तित हो गए । माता काली के क्रोध की अग्नि से सम्पूर्ण लोक जलने लगा। सृष्टि का विनाश होते देख भगवान शिव ने एक छोटे बच्चे का रूप धारण कर लिया और शमशान में जाकर रोने लगे जब माता काली ने शिवरूपी बच्चे को देखा तो वे भगवान शिव के इतने सुंदर रूप को देखकर उनसे मोहित हो गईं और बच्चे को वातसल्य भाव से अपने सीने से लगाकर दूध पिलाने लगी।

भगवान शिव दूध के साथ साथ उनके क्रोध को भी पी गए इससे माता काली मूर्छित हो गईं । महाकाली को होश में लाने हेतु भगवान शिव तांडव करने लगे और माता काली को होश आया तो वे भगवान शिव को नृत्य करते देख वे भी नृत्य करने लगीं इसी कारण इन्हें योगिनी भी कहा जाता है। इस प्रकार माता काली की उत्पत्ति दुष्टों का नाश करने हेतु हुई।

मित्रों महाकाली की शक्ति अपरंपार है इनसे शक्तिशाली इस पूरे ब्रह्मांड में कोई नहीं है इसलिए इन्हें सिद्ध करने के पश्चात मनुष्य और कोई साधना करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि इन्हें सिद्ध करने के पश्चात सभी साधनाएं माता काली की कृपा से बहुत आसानी से मिल जाती है और इन्हें सिद्ध करने के पश्चात मोक्ष की प्राप्ति भी आसानी से की जा सकती है चलिए इन्हें सिद्ध करने के शक्तिशाली फायदों के बारे में जानते हैं (mahakali sadhana benefits) –

  1. धन धान्य से संपन्न होना और मान सम्मान का बढ़ना – mahakali sadhna vidhi in hindi

माता काली को सिद्ध करने के पश्चात आपकी सारी परेशानी माता काली अपने ऊपर के लेतिं है जिससे घर में धन की कमी कभी नहीं होती अगर आप व्यापार करते हैं तो धन अर्जित करने के अनेकों मार्ग उत्पन्न होंगे और नौकरी करने वाले हैं तो हमेशा प्रगति की और ही बढ़ते रहेंगे और समाज में आपकी मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

इसके अलावा हमारे नवदुर्गा ज्योतिष केंद्र में सिद्ध धन लक्ष्मी यंत्र मिलता है जिसे आपको मंदिर में रखकर प्रतिदिन 5 मिनट उसकी पूजा करना है अगर आपकी दुकान है तो वहां रखकर भी आप कर सकते हैं ऐसा करने पर आपके कारोबार में अत्यधिक वृद्धि होगी और पैसे आने के अनेक मार्ग उत्पन्न होंगे और यह सौ प्रतिशत कार्य करता है अनेकों लोगों पर इसका प्रयोग किया गया है। हमारे यहां से सिद्ध धन लक्ष्मी यंत्र मात्र 501₹ में मिल जाएगा।

  1. मनचाहा कार्य पूर्ण होना – mahakali sadhna vidhi in hindi

माता काली को सिद्ध करने के पश्चात आप जो भी एक बार बोल देंगे वह जरूर पूर्ण होगा चाहे वह किसी भी हाल में पूर्ण हो इसके अलावा अगर आप चाहते है कि आप जो चाहें वो पूर्ण हो जाए मान के चलिए आप एक व्यापारी हैं और आपके पास एक बढ़ी बिजनेस डील आई है और आप चाहते है कि वह बिजनेस डील आपको मिल जाए तो ऐसी परिस्थिति में आप माता को नारियल का एक गोला दें और प्रार्थना करें कि हे माता मेरी यह डील पूर्ण कर दें तो आप देखेंगे की वह बिजनेस डील 100 प्रतिशत पूर्ण हो जाएगी।

  1. अच्छी या सरकारी नौकरी प्राप्त करने हेतु और बॉस को वस में करने हेतु – mahakali sadhna vidhi in hindi

अगर आप अच्छी जॉब करना चाहते है और अपने जीवन को आनंदमय बनाना चाहते है तो जो जॉब आप करना चाहते हैं माता को भोग देकर आपको सिर्फ इतना कहना है कि है माता मुझे यह जॉब चाहिए ऐसा कहने पर आप देखेंगे कि वह जॉब आपको मिल गई है ऐसा तब ही होगा जब आप काली सिद्धि कर लिए होंगे बिना सिद्धि के ऐसा करने का आपको बिल्कुल भी परिणाम प्राप्त नहीं होगा।

  1. अगर आप प्रेमी या प्रेमिका हैं – mahakali sadhna vidhi in hindi

यदि आप प्रेमी या प्रेमिका हैं और आप चाहते हैं कि जिससे आप प्रेम करते हैं वह आपके वस में हो जाए तो काली सिद्धि करने के पश्चात माता को भोग देकर आपको सिर्फ आपके प्रेमी का नाम लेना है और माता से कहना है कि हे माता इस व्यक्ति को आप हमारे वस में करा दें जिससे ये भी हमसे प्रेम करने लगे फिर आप कुछ समय में देखेंगे की वह आपके वस में हो जाएगा और आपसे प्रेम करने लगेगा।

  1. दुश्मन से बदला लेने हेतु – kali sadhna vidhi

मित्रों अगर आपका कोई दुश्मन है और आप उससे बदला लेना चाहते है तो इसके मदद से आप उससे बदला ले सकते हैं यह एक ऐसी साधना है जिसकी मदद से आपके एक शब्द बोलने से जिसे आप तकलीफ देना चाहते हैं दे सकते हैं उसे तकलीफ देकर लाखों का खर्चा करवा सकते हैं उसे पता भी नहीं चलेगा कि उसे इतनी तकलीफ कौन दे रहा है इससे आप अपने बदले को पूर्ण कर सकते हैं।

इस शक्ति के निरंतर प्रयोग और बढ़ा भोग देने पर किसी के प्राण भी आसानी से लिए जा सकते हैं। लेकिन इस शक्ति का उपयोग करके अच्छे लोगों को बिल्कुल भी परेशान न करें उनके ऊपर इस शक्ति का बिल्कुल भी प्रयोग न करें जिन लोगों ने आपका कुछ नहीं बिगड़ा है अगर आप ऐसे लोगों पर इसका प्रयोग करेंगे तो आप जानते हैं कि माता काली अच्छे लोगों से बहुत प्रेम करतीं है।

इसलिए ऐसा करना उन्हें बिल्कुल अच्छा नहीं लगेगा और वह आपको सपने के माध्यम से बताने की भी कोशिश करेंगी लेकिन आप तब भी नहीं मानते हैं तो वह आपसे रूष्ट हो जाएंगी फिर जीवन में आप कभी माता काली की सिद्धि नहीं कर सकेंगे और आप जानते हैं कि बुरे कार्य का बुरा ही परिणाम होता है।

इसका प्रयोग सिर्फ अपने और दूसरे के फायदे के लिए ही करें।

  1. अपना किसी से कार्य करवाने हेतु या मुकदमे में विजय हेतु – mahakali sadhna vidhi

अगर आपका कोई कार्य अटका हुआ है और आप चाहते हैं कि आपका वह कार्य पूर्ण हो जाए तो उस कार्य का नाम लेकर मीठा भोग में देकर उनसे प्रार्थना करना है कि है महाकाली, है काली कलकत्ते वाली मेरा यह कार्य पूर्ण कर दें और अपना भोग स्वीकार करें इस प्रकार कहने पर आप देखेंगे कि आपका कार्य पूर्ण हो जाएगा।

अगर आप किसी मुकदमे में फंसे हैं और आप चाहते हैं कि उस मुक़दमे में आप सफलता प्राप्त कर लें तो उस मुक़दमे को लेकर माता से आपको प्रार्थना करना है कि माता यह कार्य मेरा करवा दें और अपना भोग ग्रहण करें ऐसा करने के पश्चात आप देखेंगे कि वह कार्य आपका पूर्ण हो गया है इस प्रकार से आप काली सिद्धि करके अपने आपको अत्यंत शक्तिशाली बना सकते हैं।

  1. चौबीसों घंटा रक्षा के लिए – mahakali sadhna vidhi in hindi

माता काली सिद्ध होने पर वह चौबीसों घंटा आपकी रक्षा में हाजिर रहतीं है अगर शत्रु आपके ऊपर कुछ काला जादू करता है तो ऐसी स्तिथि में माता आपकी हमेशा रक्षा करती हैं और ऐक्सिडेंट के समय हमेशा आप चोट लगने से बच जाएंगे तो हर प्रकार से माता अपने साधक कि रक्षा करती हैं चाहे वह कैसी भी परिस्थिति में हों।

काली सिद्धि कैसे प्राप्त करें – mahakali sadhna vidhi in hindi

मित्रों अगर आप इस महाशक्तिशाली अवसर को प्राप्त करना चाहते हैं और काली सिद्धि प्राप्त करके अपने जीवन को सुखमय बनाना चाहते हैं तो इसका 41 दिन का प्रोसेस होता है और हर दिन इसमें आपको 30 मिनिट देना होता है इसमें हमारे पूज्य गुरुजी अपनी शक्तीपात कर देते हैं जिससे इसकी साधना करने की आवश्यकता नहीं होती।

यहां पर गुरु दक्षिणा लेना आवश्यक है क्योंकि बिना गुरु दक्षिणा में इसे सीखा नहीं जा सकता है और गुरु दक्षिणा लेने के बाद भविष्य में आप और भी साधना सीखना चाहें तो सीख सकते हैं।

सपने में नए कपड़े देखना


सपने हम सभी लोग देखते है लेकिन कई सपने ऐसे होते है जिन्हे हम चाहकर भी भूल नहीं पाते है उसी तरह से सपने में नए कपड़े का दिखाई देना ( sapne me naye kapde dekhna ) आपके लिए शुभ और अशुभ कई तरह की बातों की ओर संकेत करता है जब भी हम किसी सपने को देखते हैं तो हमें मन में यह विचार आता है कि आख़िर इस प्रकार का सपना हमारे लिए शुभ है या फिर अशुभ सपने हम कई तरह से देखते हैं|

कई बार जब हम किसी व्यक्ति वस्तु या फिर जानवर के बारे में ज्यादा सोचते है तब भी हम सभी को सपने दिखाईं देते है तो इस तरह से अगर आपने भी अपने सपने में नए कपड़े के बारे में दो या तीन दिन पहले बिल्कुल भी नहीं सोचा था और यह सपना आपको अचानक से दिखाई दिया है तो ऐसे में आपको इस प्रकार के सपने का मतलब जरूर जाना चाहिए । सपने में नए कपड़े का दिखाई देना ( sapne me naye kapde dekhna ) आपके लिए किस प्रकार की बातों की ओर संकेत करता है आज हम आपको इसी बारे में बताएंगे ।

सपने में नए कपड़े का दिखाई देना ( sapne me naye kapde dekhna ) आपके लिए कई तरह से संकेत करता है सपने में कपडें तो हम सभी को दिखाई देते है कोई कपड़ा देखता है तो कोई कपड़े को पहनते हुए देखता है कोई कपड़े को खरीदते हुए देखता है तो इस प्रकार से सपने में कभी कभी हम नए कपड़े को भी देखते है तो इस प्रकार से हम सभी को सपने में नया कपड़ा दिखाई देता है ।

सपने तो सभी लोग देखते कुछ सपनों का मतलब शुभ होता है तो कुछ सपने अशुभ होते है कई बार हम सपने में शेर, चिता, सांप, नेवला, बिच्छू, छिपकली, ऐसे ही और भी बहुत से जीव जानवर को अपने सपने में देखते हैं तो अगर आपको भी यह सपना दिखाई दीया है तो इसके असल मतलब के बारे में आपको जरूर जानना चाहिए क्योंकि कहीं ना नहीं सपने में नए कपड़े को देखना, पहनना, खरीदना, आपके लिए एक सोचने वाला सपना होता है ।

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सपने में नए कपड़े का दिखाई देना ( sapne mein kapde dekhna kya hota hai ) आपके लिए किस प्रकार का सपना होता आइए जानते है सपने में नए कपड़े का दिखाईं देना ( sapne mein naye kapde dekhne ka matlab ) आपके लिए सभी तरह से अच्छा सपना होता है इस समय जल्द ही आपके जीवन में जल्द ही खुशियां आने वाली है इस समय आपके जीवन में कई तरह से सकरात में बदलाव आ सकता है|

इस समय अभी किसी भी कार्य को करेंगे इसमें आपको निश्चित रूप से सफलता प्राप्त होगी अगर आप भी अपनी सपने में नए कपड़े को देखते हैं तो यह आपके लिए बड़ा ही अच्छा और सकारात्मक सपना माना जाता है दोस्तों पोस्ट पूरी अंत तक पड़े क्योंकि अब हम आपको सपने में नए कपड़े पहनने का क्या मतलब होता है ( sapne mein naye kapde dekhne ka kya arth hota hai ) इसके बारे में बताएंगे |

दोस्तों सपने में नए कपड़े पहनना ( sapne mein naye kapde pahnana ) भी वाकई में एक अच्छा सपना माना जाता है जो लोग अपने सपने में नहीं कपड़े को पहनते हुए देखते हैं ( sapne me naye kapde pahnane ka matlab ) यह सब ने उन्हें जल्द ही घर में सुख और समृद्धि के आने की ओर संकेत करता है|

अगर आपने किसी दूसरे व्यक्ति को नए कपड़े पहनते हुए देखा हैं ( sapne mein naye kapde pahnate huye dekhna ) तो यह भी इसी बात की और संकेत करता है तो इस प्रकार से सपने में नए कपड़े देखना भी शुभ सपना माना जाता है इस प्रकार का सपना अगर किसी महिला को दिखाईं दे तो उनके जीवन में खुशियां आ सकती है इस समय आपके घर में शादी, पार्टी, या विवाह से जुड़ी हुई भी कोई खुशी मिल सकती है तो इस तरह से सपने में नए कपड़े पहनना भी अच्छा सपना होता है ।

सपने में नए कपड़े खरीदना ?

स्वप्न ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सपने में नए कपड़े खरीदना ( sapne mein naye kapde kharidna kaisa hota hai ) भी एक बहुत ही अच्छा सपना होता है जो कोई भी सपने में नए कपड़े खरीदता है निश्चित रुप से उस व्यक्ति के जीवन में कोई बढ़ा बदलाव आने वाला होता है|

तो इस तरह से हम सभी को जब भी कोई वस्तु या कोई व्यक्ति दिखाईं देता है तो उसका अपना मतलब होता है तो इस तरह से सपने में नए कपड़े खरीदना ( sapne mein naye kapde kharidne ka kya arth hota hai ) भी आपके लिए सभी तरह से शुभ माना जाता है ।

सपने में नया घर देखना ?

स्वप्न ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सपने में नया घर देखना ( sapne mein naya ghar dekhne ka matlab ) आपके लिए किस तरह कि बात का संकेत करता है आज हम आपको इसके बारे में भी बताऐंगे सपने में नया घर भी देखना ( sapne mein naya ghar dekhne se kya hota hai ) एक अच्छा ही सपना होता है|

सपने में नया घर देखना मतलब ( sapne mein naya ghar dekhne ka kya matlab hota hai ) जीवन में किसी बढ़े बदलाव के आने का संकेत होता है यह बदलाव सभी तरह से एक सकारात्मक होता है जो कोई भी यह सपना देखता है उसके जीवन में सुख शांति आना शुरु हो जाति है जो कोई भी व्यक्ति यह सपना देखता है उसके लिए यह सभी तरह से अच्छा होता है ।

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नवरत्न अंगूठी धारण करने के अत्यंत लाभकारी फायदे


नमस्कार मित्रों इस लेख में आपका स्वागत है आज हम जानने वाले हैं कि नवरत्न की अंगूठी धारण करने के अत्यंत लाभकारी फायदे कौन कौन से हैं – नवरत्न की अंगूठी को किसी भी राशि का जातक धारण कर सकता है क्योंकि इसके अंदर सभी रत्नों की शक्तियां शामिल है।

नवरत्न की अंगूठी में माणिक, मोती, मूंगा, पन्ना, पुखराज, हीरा, गोमेद और लहसुनियां ये नवग्रह के रत्न शामिल होते हैं इसीलिए जातक को इन नवरत्नों का लाभ प्राप्त होता है ये नवों रत्न एक साथ मिलकर जातक को आरोग्यता, आयु, धन लाभ और मान सम्मान, पारिवारिक शांति जैसे आशीर्वाद प्रदान करते हैं ।

नवग्रह के कुंडली में दुष्प्रभावों से ही जातक को उसके जीवन में परेशानियां उठानी पड़ती है और इन्हीं दुष्प्रभावों से बचने के लिए ज्योतिषी नवरत्न धारण करने की सलाह देते हैं। नवरत्न की अंगूठी या माला ग्रहों के अनिष्ट प्रभावों को दूर करता है और जो ग्रह कुंडली में लाभकारी होते हैं उन्हें और शक्तिशाली बनाता है।

मित्रों वैदिक ज्योतिष में नवग्रहों का वर्णन किया गया है जिसमें सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि और राहु केतु शामिल हैं। जब किसी व्यक्ति का जन्म होता है तो ये नवग्रह जातक के कुंडली में बारह भावों में शुभ और अशुभ योग का निर्माण करते हैं और ग्रहों में बन रहे इन्हीं योग के प्रभावों से जातक का जीवन प्रवाहित होता है।

नवग्रहों के अनुसार ही नवरत्नों की उत्पत्ति हुईं है जो हमारे जीवन में शुभ प्रभाव डालते हैं साक्षात माता लक्ष्मी और श्री हरि का वास होने के कारण नवरत्न जातक के जीवन को बदल देते हैं इसे धारण करने वाले जातक के जीवन में धन की कभी कमी नहीं होती ।

वास्तु में भी नवरत्न अंगूठी का अत्यधिक महत्व माना गया है, नवरत्न अंगूठी शुद्ध धातुओं से निर्मित होती है और इसमें नवरत्न जड़े हैं इसीलिए इसके सकारात्मक प्रभाव के कारण जातक सभी परेशानियों का सामना आत्मविश्वास के साथ करता है और अपने जीवन में कभी दुखी नहीं होता ।

नवरत्न अंगूठी के फायदे

मित्रों नवरत्न अंगूठी सभी ग्रहों के दुष्प्रभावों को दूर करने के लिए है इसीलिए इसके अनेकों फायदे हैं चलिए इन लाभों की और हम अपना ध्यान केंद्रित करते हैं –

(1) हड्डी के रोग, अपच, दस्त, रीड की समस्या, लो और हाई ब्लड प्रेशर में लाभ प्राप्त होगा।

(2) मन की शांति के लिए और तनाव दूर करने के लिए इसे धारण करना चाहिए और यह डर को दूर करता है और इसके माध्यम से अच्छी नींद की प्राप्ति होती है।

(3) सुगर में लाभ, मान सम्मान में वृद्धि होती है समाज में मान प्रतिष्ठा बढ़ता है, आलस से छुटकारा मिलता है और रक्त के रोगों में लाभ प्राप्त होता है।

(4) बुद्धि में विकाश और स्मरण शक्ति में लाभ के लिए भी इसे धारण किया जाता है इसके अलावा नेत्र रोगियों को लाभ और इसे धारण करने से धन आने के अनेकों मार्ग उत्पन्न होते हैं ज्योतिषाचार्यों के अनुसार व्यापारी को अवश्य धारण करना चाहिए।

(5) कार्यक्षेत्र में सफलता के लिए और अगर आपका विवाह नहीं हो रहा है तो इसे अवश्य धारण करें इसके अलावा सरकारी नौकरी वालों को इसे जरूर धारण करना चाहिए प्रोमोशन की प्राप्ति होती है।

(6) वैवाहिक सुख की प्राप्ति के लिए और लंबी आयु के लिए इसे धारण करना चाहिए और मधुमेह, मूत्र रोग, किडनी रोग में लाभ भी प्रदान करता है।

(7) शनि के प्रभाव और काला जादू से बचाव होता है इसके अलावा व्यापार में वृद्धि और पदोन्नति के लिए इसे अवश्य धारण करना चाहिए ।

(8) मित्रों अगर आप राजनीति में हैं तो इसे अवश्य धारण करें आपको अत्यधिक लाभ प्राप्त होगा।

(9) शारीरिक कष्टों छुटकारा मिलेगा, अवसाद, लकवा, कैंसर जैसी बामरियों में लाभ प्राप्त होगा इसके अलावा शेयर बाजार में लाभ हेतु भी इसे धारण किया जाता है।

नवरत्न अंगूठी किसे धारण करना चाहिए

अगर आप मानसिक रूप से परेशान है या आप पर कोई ग्रह दोष है तो इसे आपको अवश्य धारण करना चाहिए।

नवरत्न धारण करने से शरीर की अस्मियों की मात्रा समान हो जाती है जिससे जातक का शरीर निरोगी जो जाता है और वह हमेशा आकर्षित बना रहता है।

अगर आपको बिलकुल भी सम्मान नहीं मिलता आपकी मेहनत, आपका श्रेय आपको नहीं मिलता तो ऐसी परिस्थिति में आपको नवरत्न धारण करना चाहिए।

अगर आपके घर में पैसा नहीं रुकता या आप कर्ज में डूबे हैं और ऐसी स्तिथि में आपको नवरत्न धारण करना चाहिए।

अगर आपकी आर्थिक स्तिथि कमजोर है तो ऐसी स्तिथि में आपको नवरत्न अवश्य धारण करना चाहिए ये धन के आने के अनेकों मार्ग उत्पन्न करता है जिससे आपको कभी धन की कमी नहीं होगी।

अगर आप रोगों से परेशान हैं तब भी आपको नवरत्न की अंगूठी धारण करनी चाहिए इससे आपको स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होगा।

नवरत्न अंगूठी को धारण करने की विधि –

नवरत्न की अंगूठी शनिवार को छोड़ कर सुबह प्रात : काल स्नान के पश्चात पूजा करने के बाद इसे धारण कर सकते हैं धारण करने से पूर्व आपको अपने कुलदेवता या श्री हरी नारायण कि पूजा कर लेनी है उसके पश्चात आप अपने दाहिने हाथ के मध्यम उंगली में इसे पहन लें।

नवरत्न की अंगूठी कहां से खरीदें

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अगर आप भी भूत, प्रेत, डाकिनी, शाकिनी, गंधर्व, बेताल, ब्रह्मराक्षस, चुड़ैल, जिन्न आदि से परेशान है तो इससे आप बहुत आसानी से छुटकारा पा सकते है हमारे पूज्य गुरुदेव के द्वारा दिए गए ताबीज से आप इन सभी से मुक्ति पाकर अपने जीवन को सुखमय बना सकते है ताबीज मात्र ₹251 में आपको घर बैठे प्राप्त हो जाएगी ।

प्रेम विवाह के लिए माता पिता को मनाये


पूरा होगा आपका प्रेम विवाह का सपना: क्या आपके माता पिता आपके प्रेम विवाह के रिश्ते के लिए नहीं मन रहे या फिर प्रेम विवाह में कोई और रुकावट आ रही है तो जल्दी होगी आपकी शादी करे ये उपाय सरसो के तेल में गेहू के आटे में गुड़ मिला कर उस की 11 पुड़िया निकाले और आटे में सरसो का तेल मिला कर एक दीपक बनाये |

फिर 5 पत्ते अरंडी के और 11 पत्ते आक के ले |

अब सिन्दूर ले और उस का घोल बना कर सभी पत्तो पर “ॐ” लिखे |

फिर सभी समाग्री को इकठा करे और पीले रंग का आसान बिछाये और इस मंत्र का जाप करे :

ॐ अनुराग्नि मैथन पिर्या शुक्लपक्षु जप्ये स्वः

मंत्र का जाप करने के बाद रात 11 और 12 बजे के बीच किसी चुरसते में जा कर पुड़िया , पत्ते और उस दीपक को जलाये |

वापिस आते समय पीछे मुड़ कर मत देखे | ये उपाय आपको मंगलवार की रात को करना होगा |

अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करे :

पुत्र प्राप्ति के लिए करे तुलसी का ये टोटका


इस विधि को आपको मगलवार की रात को करना है | सबसे पहले आप बाल कृष्ण जी की तस्वीर अपने सामने रखे |

फिर आप इस तस्वीर को मखन , और पीले लड्डू का भोग चढ़ाये |

फिर आप दीपक जला के तुलसी का पत्ता तस्वीर के सामने रखकर इस मंत्र का 288 बार जाप करे |

ॐ पुत्रो त्रिशयन तर्षि झज त्रिसनु देवो दानवो रद्बि नमो |

मंत्र का जाप करने के बाद आप तुलसी का पत्ता और एक लड्डू खा ले |

जब भी आप मंत्र का जाप करें तभ आप बाल कृष्ण की शवी को अपनी आँखों के सामने लेकर आए |

इस विधि आपको पूरे मन से करना है | इसका आप गलत प्रयोग बिलकुल भी न करे |

यदि आपके जीवन में किसी भी प्रकार की कोई भी समस्या या परेशानी है तो आप शास्त्री जी से अवश्य संपर्क करे |

पीपल की जड़ से करे वशीकरण


नमस्कार मित्रो आज हम आपको बहुत ही शक्तिशाली वशीकरण टोटका बताने जा रहे है जिसके प्रयोग से आप अपने प्यार को अपने वश में कर सकते है |

इस विधि का असर भी आपको तुरंत दिखाई देगा |

इस टोटके को आपको सोमवार की रात को 11:00 बजे कबरिस्तान में बैठकर करना होगा |

सबसे पहले आप अपने प्यार का एक फोटो ले |

फोटो के ऊपर लाल सिन्दूर और पीपल की जड़ रख दे |

उसके बाद आप इस मंत्र का 404 बार जाप करे |

ज्ञानी नामापि चेतान्सी, देवी [ नाम ] भगवति ही सा! बलदाय कृष्य मोहाय प्रयछति |

मंत्र का जाप करने के बाद आप जड़ को फोटो के ऊपर बांध दे |

आपका प्यार आपके वश में हो जायेगा | अगर आपके जीवन में कोई भी परेशानी है तो आप शास्त्री जी से अवश्य संपर्क करे

पावरफुल वशीकरण औरत खुद आयेंगी आपके पास


चमत्कारी वशीकरण : नमस्कार मित्रो स्वागत है आपका हमारे यूट्यूब चैनल में आज हम आपको ही प्रचंड वशीकरण टोटका बताने जा रहे है

जिसके प्रयोग से आप किसी भी स्त्री को अपने वश में कर सकते हो ||

एक सफेद कागज पर उसका नाम लिखें, जिसे वशीभूत करना चाहते हैं।

अपने सामने घी का दीपक जलाएं और बाएं हाथ कागज,और चावल का दाना लेंकर नीचे दिए गए मंत्र का उच्चारण 221 बार करें ।

मंत्र हैः- ऊँ हूं ही, ऊँ हो ही हा नमः!!

उसके बाद आप कागज को दबा दे वो स्त्री आपके वश में हो जाएगी |

इस विधि को आपको सोमवार की रात को १०:०० बजे करना होगा | यदि आपके जीवन में कोई भी परेशानी है तो आप शास्त्री जी से अवश्य संपर्क करे |