सपने में मंदिर देखना


सपने सभी व्यक्ति को आते है और सपने में हमें बहुत सी प्रकार की चीजें दिखाई देती है उसी प्रकार हमें सपने में मंदिर भी दिखाई देता सपने में मंदिर देखने से जुड़े और भी सपने का मतलब हम आपको बताने वाले है जैसे सपने में मंदिर की पूजा करना, सपने में मंदिर जाना सपने में मंदिर की सफाई करना और भी बहुत तरह से हमें सपने में मंदिर दिखाई देता है सपने में मंदिर का दिखाई देना कोई सयोंग नही है यह आपके जीवन से जुड़ा हुआ है सपने में हमें मंदिर ही नही न जाने क्या क्या दिखाई देता है और कई लोग अपने सपने के बारे में जानने के लिए बहुत ही उत्सुक होते है कई बार सपने हमें दिन में सोते वक्त भी दिखाई देते है लेकिन उन सपनो का आपके जिवन से किसी भी प्रकार से लेना देना नही होता है और वे सपने स्वाभविक होते है जो कि एक आम बात है।

सपने में भूत प्रेत भी आते है लेकिन हमें उनसे डरना नही चाहिए क्योंकि भूत प्रेत और आत्माएं सपने में आये तो समझ लेना चाहिए कि उनका जरूर आपके जीवन से कोई न कोई संबंध है इसलिए आपको ऐसे सपने दिखाई देते है उसी प्रकार से बहुत सारे सपने ऐसे होते है जिनका हमारे जीवन से किसी भी प्रकार से कोई संबंध नही होता फिर भी वह सपने हमें दिखाई देते है तो ऐसे में सपने का दिखाई देना कोई बूरी बात नही है सपने हमें अक्सर आते रहने चाहिए तो आइए अब हम जानते है की सपने में मंदिर देखने का क्या मतलब है ।

  1. सपने में मंदिर देखना ?

उत्तर :- स्वपन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सपने में मंदिर देखना एक बहुत ही अच्छा सपना माना गया है और यह सपना इस बात की और भी संकेत करता है कि इस समय आपके घर परिवार में भगवान की कृपा दृष्टि बनी रहेगी इसमें आपके सभी रुके हुए कार्य पूरे होंगे और अगर मंदिर में भगवान की मूर्ति दिखाई दे तो यह और भी अच्छा संकेत माना जाता है मंदिर में भगवान की मूर्ति का दिखाई देना इस बात की ओर भी संकेत करता है कि इस समय भगवान आपके साथ है इस समय आपके शत्रु आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे इस समय आपका मान सम्मान भी बढ़ेगा सभी तरह से मंदिर का सपना बहुत ही शुभ फल देने वाला सपना है।

  1. सपने में मंदिर जाना ?
    उत्तर :- दोस्तों अभी तक हमने जाना कि सपने में मंदिर देखने का क्या मतलब होता है और अब हम आपको बताने वाले हैं कि अगर आप सपने में मंदिर जाते हुए देखते हैं या फिर आप खुद ही मंदिर जा रहे हैं ऐसा सपना देखते हैं तो इसका मतलब आज हम आपको बताने वाले हैं सपने में मंदिर जाना दोस्तों सपने में मंदिर जाना यह सपना भी शुभ फल देने वाला माना गया है और यह सपना आपको यह संकेत करता है कि इस समय आपकी सारी परेशानिया समाप्त होने वाली है और अगर यह सपना कोई लड़की या कोई महिला देख रही है तो उनके लिए भी यही संकेत होगा ।
  2. सपने में मंदिर की सफाई करना ?
    उत्तर :- स्वप्न ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सपने में मंदिर की सफाई करना यह सपना भी एक बहुत ही शुभ फल देने वाला सपना माना गया है सपने में मंदिर की सफाई यह सपना इस बात की और संकेत करता है कि इस समय आपका मन प्रभु की भक्ति में बहुत ज्यादा लगेगा और इतना ही नहीं सपने में मंदिर की सफाई करने की सरप्राइज बात क्योंकि संकेत करता है कि इस समय आपके पाप नष्ट हो जाएंगे ।
बच्चे को नजर लगने से कैसे बचाएं

बच्चे को नजर लगने से कैसे बचाएं


दोस्तों बहुत सी चीजों को लोग अंधविश्वास मानते है मानसिक भ्रम मानते है लेकिन जब बच्चे पीड़ित हो जाते है तो माता पिता को इसका विश्वास करना पड़ सकता है जितनी भी चीजें शास्त्रों में लिखी हुई है वह सभी 100% सही है और उसपर मनुष्य को विश्वास भी करना चाहिए । बच्चों को नजर इसलिए लगती है क्योंकि वह कोमल और बहुत ही आकर्षक होते है तो वह नजर ठीक कैसे करें इस लेख में हम इसके बहुत सारे नुस्खे बताने वाले है तो इस लेख को अंत तक पढ़ें ।

बच्चों की नजर उतारने का तरीका – bache ko nazar se kaise bachaye

  1. बच्चे नाजुक होते हैं इसलिए उनकी नजर भी भगवान पर चढ़े नाजुक फूल, शकर या दूध से उतारी जाती है। एक तांबे के लोटे में पानी और ताजा फूल लेकर बच्चे पर से 11 बार उतारें। इसे किसी भी गमले में डाल दें। नजर का प्रभाव कम होगा। ऐसे ही दोनों हाथों से शकर से नजर उतारी जाती है। मुट्ठी में शकर लेकर सिर से पैर तक दोनों हाथों से गोल घुमाते हुए नजर उतारें और उसे तुरंत वॉश बेसिन में पानी की तेज धार में गला दें। इससे बच्चों को लगी मीठी नजर गलती है।दूध में मिश्री डालकर 7 बार उतारें और शिव जी के मंदिर में रख आएं।
  2. नमक, राई, लहसुन, प्याज के सूखे छिलके व सूखी मिर्च अंगारे पर डालकर उस आग को बच्चे के ऊपर सात बार घुमाने से बुरी नजर का दोष मिटता है। लेकिन यह उपाय सावधानी मांगता है।
  3. शनिवार के दिन हनुमान मंदिर में जाकर उनके कंधे पर से सिंदूर लाकर नजर पीडित बच्चे के माथे पर लगाने से बुरी नजर का प्रभाव कम होता है।
  4. स्तनपान करते हुए बच्चे को नजर लग जाती है। ऐसे समय इमली की तीन छोटी डालियों को लेकर आग में जलाकर नजर लगे बच्चे के माथे पर से सात बार घुमाकर पानी में बुझा देते हैं।
  5. भोजन पर लगी नजर किसी विशेष सामग्री के प्रति बच्चों में अरूचि पैदा कर देती है। तैयार भोजन में से थोड़ा-थोड़ा एक पत्ते पर लेकर उस पर गुलाब छिड़ककर रास्ते में रख दे। फिर बच्चे को खाना खिलाएं। नजर उतर जाएगी।

छोटे बच्चों की नजर कैसे उतारे – bache ki nazar utarne ke totke

  1. लाल मिर्च, अजवाइन और पीली सरसों को मिट्‍टी के एक छोटे बर्तन में आग लेकर जलाएं। फिर उसकी धूप नजर लगे बच्चे को दें। किसी प्रकार की नजर हो ठीक हो जाएगी।
  2. बुरी नजर से बचने के लिए प्रति शनिवार बच्चे के ऊपर से झाड़ू या उसी के बाएं पैर की चप्पल या जूता लेकर 7 बार उल्टे क्रम से उतारें और दरवाजे की दहलीज पर तीन बार झाड़ कर अंदर आ जाए। यह भी नजर उतारने का बहुत पुराना पारंपरिक तरीका है।
  3. बच्चे को नजर लग गई है और हर वक्त परेशान व बीमार रहता है तो लाल साबुत मिर्च को बच्चे के ऊपर से तीन बार वार कर जलती आग में डालने से नजर उतर जाएगी।
  4. बच्चा दूध पीने में आनाकानी करें तो शनिवार के दिन कच्चा दूध उसके ऊपर से सात बार वारकर कुत्ते को पिला देने से बुरी नजर का प्रभाव दूर हो जाता है।
  5. यदि कोई बच्चा नजर दोष से बीमार रहता है और उसका समस्त विकास रुक गया है तो फिटकरी एवं सरसों को बच्चे पर से सात बार वारकर चूल्हे पर झोंक देने से नजर उतर जाती है। यदि यह सुबह, दोपहर एवं शाम तीनों समय करें तो एक ही दिन में नजर दोष दूर हो जाता है।

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प्रेत आत्मा क्या है

प्रेत आत्मा क्या है ? और उससे कैसे बचे ?


दोस्तों भारत में ऐसी बहुत सी जगहें है जहां पर प्रेत आत्मा होने का दावा किया जाता है और बहुत लोगों को इनके रोने और चिल्लाने की आवाजें भी सुनाई देती है ।

तीन प्रकार कि आत्मा : – प्रेत आत्मा, जीव आत्मा और सूक्ष्म आत्मा। शास्त्रों के अनुसार यह तीन प्रकार की आत्माएं होती है जब एक आत्मा वासना से युक्त शरीर में जाती है तो उसे प्रेतात्मा कहते है और जब एक आत्मा किसी जीव के शरीर में जाती है अथार्थ मनुष्य, चींटी, हाथी, भालू आदि तो उसे जीवात्मा कहते है और जब एक आत्मा किसी सूक्ष्म शरीर में निवास करती है (वायरस, बैक्टीरिया आदि) तो उसे सूक्ष्मात्मा कहते है यह तीन प्रकार की आत्मा होती है।

प्रेत योनि में जाने के तीन मुख्य कारण :

पहला कारण : जब कोई व्यक्ति दुराचारी होता है, वासना और कामना से युक्त होता है हमेशा गलत कार्य करता है, झूट बोलता है (चोरी करता है, बेईमानी करता है, लोगों का धन जबरदस्ती लेता है, लोगों की हत्या करता है मतलब अनैतिक कार्य करने वाला) हमेशा लोगों को धोका देता है ऐसे व्यक्ति या स्त्री मृत्यु के पश्चात प्रेत योनि में जाते है।

दूसरा कारण : जब कोई व्यक्ति धन की लालच या जमीन जायदाद की लालच में मरता है या किसी भी प्रकार की उसकी कोई प्रबल इच्छा हो जो वह मरने से पहले पाना चाहता हो और अगर वह उस चीज को मृत्यु से पहले न प्राप्त कर पाए तो वह मृत्यु के बाद प्रेत योनि में जाता है ।

तीसरा कारण : किसी भी व्यक्ति के मृत्यु के पश्चात उसकी आत्मा उस सच्चिदानंद ईश्वर को प्राप्त होती है लेकिन कभी कभी ऐसा भी हो सकता है कि जब उसकी जीव आत्मा उस परमेश्वर के पास जा रही होती है तो उससे पहले उसके पूर्वज (जो कि प्रेतात्मा हो सकते है) अगर उसे जाने से रोक लें तो ऐसी स्तिथि में वह प्रेत आत्मा बन जाता है अर्थात प्रेत योनि में चला जाता है क्योंकि मृत्यु के पश्चात ईश्वर के पास जाने का एक समय होता है उस समय अंतराल में उस आत्मा को उस परमेश्वर के पास जाना होता है और अगर वह उस समय अंतराल में उस परमेश्वर को प्राप्त नहीं होता है तो वह आत्मा प्रेत योनि को जाती है।

क्या प्रेत आत्माओं को कष्ट होता है ?

भूत प्रेत का जीवन बहुत ही कष्ट से भरा होता है इन्हे भूंख बहुत लगती है और इनको खाने को बहुत कम मिलता है ये हमेशा दुखी ही रहते है और चिल्लाते हुए रहते है इनका जीवन बहुत ही चिड़चिड़ा रहता है ये हमेशा सोचते है कि हमें कोई तृप्त करने वाला मिल जाए जो हमारा उद्धार कर दे और इसी के लिए ये घरों में और जंगलों में भटकते रहते है इनका अच्छी जगह पर जाना सख्त मना होता है ये किसी भी शुद्ध चीजों को नहीं छू सकते है ये अच्छे पानी को नहीं छू सकते है ये पवित्र नदियों का स्नान नहीं कर सकते है कर सकते है लेकिन ये सब सुविधाएं अच्छी आत्माओं को मिलती है जो पितृ आत्माएं होती है उन्हें मिलती है। बुरी आत्माओं को ये सब सुविधाएं नहीं दी जाती है। ये जहां ज्यादा शोर, उजाला या मंत्रजाप, भजन ये सब जहां होता है वहां से दूर ही रहती है इसलिए ये कृष्ण पक्ष को ज्यादा पसंद करती है अमावस्या, तेरस, चौदस को यह सक्रिय रूप में घूमते है। ये वही ज्यादा पाए जाते है जहां इनकी मृत्यु होती है या ये एकांत में रहना ज्यादा पसंद करते है । बहुत समय से खाली घरों में या हवेली में इनका बसेरा हो जाता है।

प्रेत किसे लगते है ?

जैसा कि मैंने आपको उप्पर बताया कि को व्यक्ति गलत काम करते है वहीं प्रेत योनि में जाते है उसी प्रकार जो व्यक्ति हमेशा गलत कर्म करते है उन्हीं को यह प्रेत आत्मा लगती है उन्हीं को यह आत्मा परेशान करती है क्योंकि अगर यह अपने वास्तविक शरीर में होंगी तो यह अच्छी चीजों को खा और पी नहीं सकेंगी इसीलिए यह गलत कर्म करने वाले व्यक्ति के अंदर जाकर (गलत कर्म करने वाले व्यक्ति के अंदर जाने का इनको छूट होता है) अपना मनपसंद खाती है शुद्ध पानी पीती है अपना मनपसंद कार्य उससे करवाती है और उसे हमेशा परेशान करती रहती है इसलिए मनुष्य को कभी गलत कर्म नहीं करना चाहिए और जो व्यक्ति गलत कर्म नहीं करते हमेशा ईश्वर की पूजा करते है उनको यह प्रेत आत्मा कभी नहीं लगती हैं।

क्या भूत प्रेत की पूजा करना सही है ?

दोस्तों भूत प्रेत की पूजा करना यह बिल्कुल भी सही नहीं है क्योंकि इस पूरे ब्रह्मांड को बनाने वाले ईश्वर है इसलिए उन्ही की उपासना करना चाहिए क्योंकि जो भूत प्रेतों कि पूजा करते है अंत में वह मृत्यु के पश्चात भूत प्रेतों को ही प्राप्त होते है और भूत प्रेत बन जाते है इसलिए भूत प्रेतों कि पूजा नहीं करनी चाहिए।

भूत प्रेत से कैसे बचें ?

अगर आप भूत, प्रेत, डाकिनी, शाकिनी, गंधर्व, बेताल, ब्रह्मराक्षस, चुड़ैल, जिन्न आदि से परेशान है या सिर्फ उनसे हमेशा के लिए बचना चाहते है तो इससे आप बहुत आसानी से छुटकारा पा सकते है हमारे पूज्य गुरुदेव के द्वारा दिए गए ताबीज से आप इन सभी से मुक्ति पाकर अपने जीवन को सुखमय बना सकते है

भूत प्रेत क्या है और इनसे बचने का उपाय

भूत प्रेत क्या है और इनसे बचने का उपाय


दोस्तों आपने भूतों और प्रेतों के बारे में तो सुना ही होगा इनके बहुत सारे किस्से उपलब्ध हैं ? बहुत सारे लोगों ने भूतों को अलग अलग अवस्था में देखा है और बहुत सारे लोगों में भूतों का वास भी हो जाता है अगर आप भी प्रेत बाधा से परेशान है और उससे हमेशा के लिए छुटकारा पाना चाहते है तो इस लेख को लास्ट तक पढ़ते रहें क्योंकि इस लेख में हम भूतों के बारे में विस्तार से बताएंगे और इनसे छुटकारा पाने का उपाय भी बताएंगे।

भूत कहां रहते हैं – bhoot kaha rahte hai

भारत में ऐसे बहुत सारे प्राचीन स्थान है जहां भूतों का बसेरा है और ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वह स्थान एकांत है प्राचीन घरों में ऐसा अकसर देखा गया है कि वहां भूत प्रेतों की आवाजें आती है और बहुत लोगों ने वहां पर भूत देखने का दावा भी किया है। आप मेहंदीपुर बालाजी मंदिर जानते है जो कि राजस्थान में स्थित एक बहुत ही प्राचीन है जहां आज भी बहुत से लोग जो भूतों से परेशान है वहां जाते है और ठीक हो जाते है ।

दोस्तों भूत (bhoot in hindi) एक मनुष्य की आत्मा है जब उसकी मृत्यु हो जाती है तब वह भूत बन जाता है ऐसा इसलिए हो सकता है कि वह बुरे कर्म करता हो, पाप करता हो या उसके परिवार वाले उसका अंतिम संस्कार ढंग से न करें तब वह मनुष्य मृत्यु के पश्चात भूत बन जाता है। भूत प्रेत योनि बहुत ही दर्दनाक होती है इसमें प्रेत किसी भी प्रकार से सुखी नहीं होते है।

तीन प्रकार कि आत्मा (bhoot ke prakar) : – प्रेत आत्मा, जीव आत्मा और सूक्ष्म आत्मा। शास्त्रों के अनुसार यह तीन प्रकार की आत्माएं होती है जब एक आत्मा वासना से युक्त शरीर में जाती है तो उसे प्रेतात्मा कहते है और जब एक आत्मा किसी जीव के शरीर में जाती है अथार्थ मनुष्य, चींटी, हाथी, भालू आदि तो उसे जीवात्मा कहते है और जब एक आत्मा किसी सूक्ष्म शरीर में निवास करती है (वायरस, बैक्टीरिया आदि) तो उसे सूक्ष्मात्मा कहते है यह तीन प्रकार की आत्मा होती है|

मरने के बाद भूत बनने की प्रक्रिया – bhoot kaise banta hai

दोस्तों वैसे तो अगर कोई भला व्यक्ति मरता है तो उसकी आत्मा जन्म मरण के बंधन काटकर उस सच्चिदानंद परमेश्वर को प्राप्त हो जाती है लेकिन अगर कोई ऐसा व्यक्ति जो कामना या वासना में बंधा हुआ व्यक्ति है उसकी हत्या हो जाती है या किसी भी प्रकार से उसकी मृत्यु हो जाती है तो उसकी आत्मा उस निराकार परमेश्वर को न प्राप्त होकर इस पृथ्वी पर ही रह जाती है और लोगों को परेशान करती है और अगर किसी के मृत माता पिता या उसके पितृ का अगर कोई श्राद्ध न करे तो वह भी उसके तृप्त न हुए पितृ द्वारा परेशान होते है इसलिए श्राद्ध जरूर करें ।

आध्यात्मिक किताबों के अनुसार आत्मा के तीन शरीर होते है पहला स्थूल, दूसरा सूक्ष्म और तीसरा कारण शरीर यह तीन आत्मा के शरीर माने गए है प्रकृति के अनुसार आत्मा का स्थूल शरीर 120 से 130 साल तक होता है और सूक्ष्म शरीर की उम्र करोड़ों साल तक है और आत्मा का जो कारण शरीर है वह अमर होता है और यह वायु रूप में हमेशा पृथ्वी पर निवास करती है।

दोस्तों स्थूल शरीर जो की आत्मा की सबसे पहली अवस्था है उसे आयुर्वेद और योग के माध्यम से 150 से 170 साल तक जीवित रखा जा सकता है और सूक्ष्म शरीर करोड़ों वर्ष तक जिंदा रहती है।

भूत कौन बनता है – bhoot kaise banate hain

बुरे कर्म करने वाले व्यक्ति : सभी धर्मों के अनुसार जो लोग तिथि (एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या आदि) को नहीं मानते है ईश्वर का अपमान करते है देवताओं का अपमान करते है गुरु को बुरा भला कहते है हमेशा अनेक प्रकार के गलत कर्म करते है शराब और मांस आदि खाते पीते है भूत प्रेत उनके जैसे लोगों को ही ढूंढ़ते है और यह लोग बहुत जल्दी भूतों के वस में आ जाते है।

भावुक लोगो पर होता है भूतों का शासन : जो लोग भूतों के बारे में अधिक सोचते है उनकी डरावनी फिल्म देखते है। जो व्यक्ति ज्यादा भावुक किस्म का है और जिन लोगों की मानसिक शक्ति कम होती है ऐसे लोगों पर भूतों का वास जल्दी हो सकता है ऐसे लोगों के उप्पर भूत प्रेत आकर राज करते है ।

जो लोग रात को अनुष्ठान या कोई कर्म करते है : दोस्तों हिन्दू सनातन धर्म के अनुसार किसी भी धार्मिक कार्य को रात को नहीं करना चाहिए यह गलत माना गया है जो लोग रात को कोई अनुष्ठान या कोई कार्य करते है वह अच्छा या बुरा ही सकता है (भूत को वस में करना, गलत सिद्धियां करना) वह लोग भूत, प्रेत और पिशाच बनते है ।

ज्योतिष के अनुसार : राहु के कुंडली में होने पर भी ऐसा हो जाता है जब राहु लग्न या अष्टम प्रभाव में होता है तो उसकी सभी ग्रहों पर दृष्टि होती है तो ऐसी स्तिथि में ज्ञानी व्यक्ति को एहसास होने लगता है कि उसपर भूतों का साया है तांत्रिक या जो राक्षस गण के होते है उन्हें तुरंत ही पता चल जाता है कि उनके उप्पर भूत प्रेत का साया है ।

भूत प्रेत बाधा के लक्षण – bhoot ke lakshan

कैसे पता करें कि भूत पीछे पड़ा है : दोस्तों भूत अगर किसी पर है तो उसके क्रिया या कर्म से पता चल जाता है कि उसपर किस प्रकार के भूत का साया है जैसे : भूत पीड़ा, पिशाच पीड़ा, प्रेत पीड़ा, शकीनी पीड़ा, चुड़ैल पीड़ा, यक्ष पीड़ा, ब्रह्म राक्षस पीड़ा, डाकिनी पीड़ा दोस्तों यह सभी अलग अलग भूतों द्वारा दिए गए मानव को कष्ट है जिनके बारे में एक एक करके हम आपको बताने वाले है।

भूत कितने प्रकार के होते हैं और उनके लक्षण – bhoot kya hota hai

भूत बाधा के लक्षण : दोस्तों भूत पीड़ा होने पर व्यक्ति की आंखे लाल होने लगती है शरीर में दर्द बना रहता है और अगर उसे गुस्सा आ जाए तो वह एक साथ बहुत लोगों को गिरा सकता है और अगर मूड अच्छा हो तो वह अच्छी बातें भी करता है ।

पिशाच बाधा के लक्षण : पिशाच गंदे होते है उसी प्रकार जो इनसे प्रभावित होता है वह भी हमेशा गंदे कर्म ही करता है जैसे : नाले का पानी पीना, अकेले रहना, खराब खाना खाना, गाली देना, नहीं नहाना, नग्न हो जाना इस प्रकार के गलत कार्य पिशाच से प्रभावित व्यक्ति करता है ।

प्रेत बाधा के लक्षण: दोस्तों जो व्यक्ति प्रेत से पीड़ित होता है वह हमेशा गुस्सा होता है वह चिल्लाता है इधर से उधर भागता है किसी पर विश्वास नहीं करता है उसे भूख नहीं लगता है वह हर समय नकारात्मक सोचता है अपने लिए बुरा सोचता है दूसरों को बुरा कहता है।

शाकिनी पीड़ा : शाकिनी की पीड़ा से ज्यादातर पीड़ित महिलाएं ही रहती है इससे पीड़ित महिलाएं हमेशा दुखी ही रहती है उनके पूरे शरीर में हमेशा दर्द ही बना रहता है पीड़ित महिला की आंखे हमेशा दर्द ही करती रहती है वह अक्सर कांपती रहती है ऐसी महिलाओं में यह भी देखा गया है कि वह बीच बीच में बेहोश भी हो जाती है रोना, चिल्लाना इसमें मामूली है शाकिनी पीड़ित महिलाओं को बहुत ही परेशान करती है ।

चुड़ैल पीड़ा : चुड़ैल पीड़ा भी अक्सर स्त्रियों को ही होती है इसमें स्त्री का मांसाहारी हो जाना । कम बोलना, हमेशा मुस्कुराते रहना । धोका देना ऐसी स्त्रियों की खास बात है।

यक्ष द्वारा पीड़ित : यक्ष द्वारा पीड़ित व्यक्ति की आवाजें धीमी हो जाती है उसके गति में तेजी आ जाती है वह तेज चलने लगता है उसकी पसंद लाल रंग हो जाती है वह अक्सर आंखो से इशारा करने लगता है । उसकी आंखो में परिवर्तन आ जाता है उसकी आंख तांबे कलर की और आंख गोल हो जाती है यह यक्ष द्वारा पीड़ित व्यक्ति की निशानी है।

ब्रह्मराक्षस के लक्षण : दोस्तों ब्रह्म राक्षस से पीड़ित व्यक्ति बहुत ही शक्तिशाली हो जाता है वह किसी भी प्रकार का कार्य आसानी से कर सकता है वह हमेशा अनुशासन में ही रहता है उसका मकसद किसी को भी परेशान नहीं करना होता है वह अपने ही मस्ती में मस्त रहता है और यह अधिक खाना खाते है और एक स्थान पर घंटों बैठे रहते है दोस्तों वैसे तो इन्हे शरीर से निकालना बहुत कठिन होता है दोस्तों ऐसे ही बहुत प्रकार के भूत हमारे आसपास है जिनका लक्षण और लक्ष्य अलग अलग अलग होता

भूतों के प्रकार (types of ghost) : जैसा कि मैंने आपको बताया कि इंसान मृत्यु के पश्चात ही भूत बनता है चाहे वह स्त्री हो या पुरुष तो इसी प्रकार से दो प्रकार के भूत होते है ।

स्त्री भूत (ghost in hindi) : दोस्तों जब कोई स्त्री, नवयुवती या पशुता की मौत हो जाती है तो वह चुड़ैल बन जाती है अगर वह कुंवारी है तो वह देवी होती है । अगर मरने वाली स्त्री बुरे कर्म करती थी तो वह डायन कहलाती है तो इस प्रकार से इनका जन्म बुरे कर्मो, पापों, अकाल मृत्यु या श्राद्ध न होने से होता है ।

भूत प्रेत अपनी शक्ति से क्या क्या कर सकते है : kala jadu in hindi

भूत बहुत ही शक्तिशाली होते है और इनकी गति भी बहुत तेज होती है कहा जाता है कि ये अपने मन की गति से चलते है भूत प्रेत बनने के बाद ये बहुत ही शक्तिशाली हो जाते है बहुत से भूत इंसान को छू सकते है और बहुत से नहीं छु सकते है ये उनके कर्म से निर्धारित किया जाता है भूतों को शुद्ध पानी नहीं पीने दिया जाता है ये सिर्फ गंदा पानी ही पी सकते है।

ये बहुत ही प्रकार के होते है इनकी बहुत सी जातियां होती है भूत, प्रेत, पिशाच, राक्षस, यम, शाकिनी, डाकिनी, चुड़ैल, गंधर्व, बैताल आदि इनकी प्रजातियां होती है। बहुत से लोगों को मृत्यु के पश्चात फिर से गर्भधारण से मानव रूप प्राप्त हो जाता है ।

भूतों की शक्तियां (bhoot ki shakti) : दोस्तों भूत अदृश्य होते है इन्हे आंखो द्वारा नहीं देखा जा सकता है हा देख सकते है जब वे चाहे तो या किसी के पास अलौकिक शक्तियां हों तो वह भूतों को देख सकता है यह धुएं से बने होते है इनके पास शरीर नहीं होता है मनुष्य का शरीर 5 तत्वों से मिलकर बना होता है पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश जबकि भूतों का शरीर अग्नि, वायु और आकाश से मिलकर ही बना होता है

जैसा की आगे मैंने आपको बताया कि कुछ भूत मनुष्य को छू सकते है और कुछ नहीं लेकिन जो छु सकते है वह बहुत ही शक्तिशाली होते है वह बड़े से बड़े घरों को आसानी से तोड़ सकते है।

जो भूत इंसानों को स्पर्श कर सकते है उनकी शक्तियां इतनी बलशाली होती है कि वह मनुष्य को अपने बस में करके उससे अपना कार्य करवा सकते है शरीर में जल, मांस और हड्डियां न होने के कारण अगर इन्हे तलवार, गोली या किसी भी प्रकार के मानवीय अस्त्र से मारने कि कोशिश की जाए तो उन्हें इससे कोई भी फर्क नहीं पड़ता है क्योंकि इनका शरीर वायुरूप है बस ये सुख और सुख का अनुभव कर सकते है।

बुरी और अच्छी आत्मा की परख (bhoot kya hota hai) : जो आत्माएं बुरी होती है वह प्रेत आत्मा कहलाती है और जो आत्माएं अच्छी होती है वह पृत आत्मा कहते है जो आत्माएं अच्छी होती है वह अच्छे विचारधारा वाले व्यक्ति या औरत का संघ करके खुद को तृप्त कर लेती है और उसे भी तृप्त कर देती है और जो बुरी आत्माएं होती है वह कुकर्मी, वासनापूर्ण, पापी व्यक्ति या औरत को चुनती है और उससे तृप्त होकर उसे घोर बुराइयों की और ले जाती हैं।

इसलिए मानव जाति को इनसे बचने के लिए निरंतर सच्चिदानंद ईश्वर की भक्ति करनी चाहिए अच्छे कर्म करना चाहिए और किसी भी बुरे व्यक्ति का संगत नहीं लेना चाहिए और हमेशा शुद्ध रहना चाहिए ।

84 लाख योनियां (84 lakh yoni) : दोस्तों इस पृथ्वी में जीवों कि 84 लाख योनियां है और ये योनियां इस प्रकार से है कुत्ता बिल्ली, पक्षी, गाय इस प्रकार से कीत पतंगे, जीव, जंतु, वृक्ष मिलाकर 84 लाख योनियों का निर्माण होता है । इनकी मृत्यु होने के बाद इनकी आत्मा बाहर निकल जाती है और फिर वह जन्म लेती है जिसे हम योनियां कहते है । आत्मा की मृत्यु कभी नहीं होती है वह हमेशा जीवंत रहती है ।

भूत की जिंदगी (bhoot kya hota hai) : भूत प्रेत का जीवन बहुत ही कष्ट से भरा होता है इन्हे भूंख बहुत लगती है और इनको खाने को बहुत कम मिलता है ये हमेशा दुखी ही रहते है और चिल्लाते हुए रहते है इनका जीवन बहुत ही चिड़चिड़ा रहता है ये हमेशा सोचते है कि हमें कोई तृप्त करने वाला मिल जाए जो हमारा उद्धार कर दे और इसी के लिए ये घरों में और जंगलों में भटकते रहते है

इनका अच्छी जगह पर जाना सख्त मना होता है ये किसी भी शुद्ध चीजों को नहीं छू सकते है ये अच्छे पानी को नहीं छू सकते है ये पवित्र नदियों का स्नान नहीं कर सकते है कर सकते है लेकिन ये सब सुविधाएं अच्छी आत्माओं को मिलती है जो पितृ आत्माएं होती है उन्हें मिलती है।

बुरी आत्माओं को ये सब सुविधाएं नहीं दी जाती है। ये जहां ज्यादा शोर, उजाला या मंत्रजाप, भजन ये सब जहां होता है वहां से दूर ही रहती है इसलिए ये कृष्ण पक्ष को ज्यादा पसंद करती है अमावस्या, तेरस, चौदस को यह सक्रिय रूप में घूमते है। ये वही ज्यादा पाए जाते है जहां इनकी मृत्यु होती है या ये एकांत में रहना ज्यादा पसंद करते है । बहुत समय से खाली घरों में या हवेली में इनका बसेरा हो जाता है।

टोना टोटका हटाने का उपाय


टोना टोटका (tona totka) एक जीवन का आधार है टोना टोटका का एक अच्छी प्रक्रिया भी है और बुरी प्रक्रिया भी हैं इसका उपयोग भूत बाधा और चुड़ैल बाधा, तंत्र मंत्र, जादू टोना, और भी बहुत से कार्यों में किया जाता है । टोटके का उपयोग रोग निवारक और टोने से बचाव के लिए किया जाता है । टोटके का उपयोग किसी को हानि पहुचाना नही होता है अब हम जानने वाले है कि टोना और टोटका में क्या अंतर होता है ।

टोना (tona kaise kiya jata hai) – किसी कार्य की सफलता के लिए दान करना, ताबीज पहनना, या किसी प्रकार के मंत्र का जाप करने को टोना कहा जाता है। किसी माला को मंत्र द्वारा सिद्ध करके पहनना भी एक प्रकार का टोना होता है । टोना बहुत तरह से किया जा सकता है।

टोटका (totke in hindi) – जब हम किसी यात्रा पर जा रहे होते है और तब अचानक कोई छिक दे तो हम कुछ देर के लिए रुक जाते है वही अगर हम कही जा रहे होते है तो कोई बिल्ली रास्ता काट लेती है तो भी हम कुछ समय के लिए रुक जाते है जब हम किसी विशेष कार्य के लिए जा रहे होते है उस समय हम किसी मीठी वस्तु या दही का सेवन करते है तो इन सभी कार्य को टोटका कहते है।

टोना टोटका हटाने का उपाय – tona totka in hindi

आजकल सभी कार्य में सबसे ज्यादा टोने टोटके का उपाय (tone totke hatane ka upay) किया जा रहा है आज हम आपको टोना टोटका हटाने के कुछ जबरदस्त उपाय के बारे में आपको बताने वाले है टोना टोटका हमारे आसपास अक्सर होता ही रहता है कई बार इसके शिकार हम भी हो जाते है टोना टोटका हटाने के लिए बहुत से मंत्रों और बहुत सी वस्तुओं को उपयोग में लिया जाता है टोना टोटका कोई मामूली विद्या नही है इसके उपयोग से व्यक्ति छड़ मात्र में मृत्यु को प्राप्त हो जाता है लेकिन इस समय हम आपको टोने टोटके हटाने के कुछ बेहतर उपाय के बारे में बताने वाले है तो आइए जानते है।

  1. टोना टोटका क्या होता है (tona totka upay in hindi) – इस समय सबसे पहले किसी बाबा या टोने टोटके उतारने वाले के पास जाए ओर यह पता करें कि किसने आप पर टोना टोटका किया है।
  2. टोना टोटका के उपाय (tona totka ke upay) – टोने और टोटके से परेशान व्यक्ति को सबसे पहले आप हनुमान चालीसा पढ़ना शुरू कर दे और इस समय गंदी वस्तुओं का सेवन बिल्कुल भी ना करे इस समय दारू मांस और नसे वाली सभी चीजों से दूर रहे इस समय हो सके तो दान पुण्य जरूर करे हनुमान जी का तिलक जरूर लगाएं।
  3. तांत्रिक टोटके – (tone totke ka upay bataye) सबसे पहले एक पानी वाला नारियल ले फिर उसे अपने सिर से 21 बार घुमाये अब सिर से वार लेने के बाद उसे किसी अच्छे स्थान पर जाकर आग से जला दे परिवार में जिस किसी भी व्यक्ति के ऊपर संकट है उसके ऊपर यह उपाय करें । उपाय मंगल या शनिवार को किया जाना चाहिए यह उपाय 5 शनिवार करें इससे किसी भी प्रकार के हुए टोने टोटके या किया कराए से छुटकारा मिलेगा ।
  4. टोटके और उपाय (tona totka kaise utare) – इस समय घर में गंगा जल छिड़कते रहे गंगा जल नही है तो गौमूत्र भी उपयोग में लिया जा सकता है इस समय बीमार व्यक्ति को गौमूत्र जरूर पिलाये इस समय खान पान पर विशेष ध्यान दे मांस या दारू जैसी वस्तुओ का बिल्कुल भीसेवन ना करें नही तो इस समय परेशानी और अधिक बढ़ सकती है ।
  5. असली प्रैक्टिकल टोटके (tona totka) – एक नींबू ले उसे बीमार व्यक्ति के सर पार 5 या 7 बार वारे वारने के बाद उस नींबू को चोहराये पर या किसी अन्य जगह पर फेक दे ।
  6. टोना टोटका (tona totka kaise dur karen) – टोना टोटका से बचने के लिए हम आपको एक और उपाय के बारे में बताने वाले है सबसे पहले एक मुट्ठी पिसा हुआ नमक लीजिये उसे शाम को अपने सिर से 3 बार उतारकर घर के बाहर फेक दे यह प्रिक्रया लगातार 3 दिन करें आराम नही मिलने पर नमक को सिर से वार कर सोचालय में डाल दे डालने के बाद पानी डाल दे या फ़्लैश चला दे यह करने के बाद आपको बिल्कुल आराम मिलेगा ।
भूत प्रेत से बचने के उपाय

भूत प्रेत से बचने के उपाय


  1. भूत किसे कहते है ?

उत्तर :- जिस किसी भी व्यक्ति की मृत्यु से पहले किसी भी प्रकार की ईक्षा पूरी नही हो पाती और वो पुनर्जन्म के लिए स्वर्ग या नर्क नही जा पाते फिर वह भूत बन जाते है ऐसे व्यक्ति को भूत कहते है । वैसे तो भूत कई प्रकार के होते है कई भूत अच्छे और मददगार भी होते है और गई भूत जानलेवा और खतरनाक भी होते है कई बार इसका कारण खतरनाक मोत भी है।

कई लोग तड़पा कर मार दिए जाते है जिसके कारण भी वे भूत बन जाते है । सबसे ज्यादा भूत प्रेत में विश्वास भारत के लोग रखते है और ये विश्वास आज भी उतना ही बना हुआ है मान्यता यह भी है कि भूत प्रेत शरीर में समा जाते है जो व्यक्ति राक्षस प्रगति के होते हैं ऐसे व्यक्ति जो कभी कभी नहाते हैं मांस और दारू का सेवन करते हैं जो अमावस्या और पूर्णिमा को नहीं मानते ऐसे लोग आसानी से भूत प्रेत की चंगुल में आ जाते हैं।

  1. शरीर मे भूत है इसकी पहचान कैसे करें ?

उत्तर:- शरीर में भूत है इसकी पहचान विभिन्न तरह से की जा सकती है । भूत प्रेत से परेशान व्यक्ति की पहचान उसके स्वभाव और उसके कार्यो में आये बदलाव से की जा सकती है जिस किसी भी व्यक्ति के शरीर में भूत रहता है।वह व्यक्ति पागल की तरह बात करने लगता है गुस्सा आने पर वह व्यक्ति एक साथ में चार पांच आदमियों को पछाड़ सकता है उस व्यक्ति की आंखें लाल हो जाती है इतना ही नही और भी बहुत से राक्षस शारीर में सवार हो सकते है जैसे :- पिसाच, प्रेत, शाकिनी, चूड़ेल, यक्ष, ब्रह्मराक्षस, यैसे और भी भूत – प्रेत आप पर सवार होकर आप पर अलग – अलग तरह का परभाव डालते है । अब हम आपको और भी बहुत से राक्षस के सवार होने का प्रभाव बताने वाले है।

• पिशाच से परेसान व्यक्ति – पिसाच से सवार हुआ व्यक्ति सदैव बुरा कर्म करता है ।

जैसे :- नग्न हो जाना, कभी कभी नहाना, खराब भोजन करना, और उस व्यक्ति के शरीर से बदबू भी आती है वह व्यक्ति अकेले रहना पसंद करता है वह व्यक्ति हमेशा बीमार रहता है।

• प्रेत से परेशान व्यक्ति – प्रेत से परेशान हुआ व्यक्ति चिल्लाता रहता है वह वयमती इधर उधर भागता रहता है वह व्यक्ति किसी की बात नही सुनता है वह हर समय बुरा बोलता रहता है,वह खाता पिता नही है और हाँफता रहता है।

• शाकिनी से परेशान व्यक्ति – शाकिनी से ज्यादातर महिलाएं ही पीड़ित रहती है ऐसी महिला को पूरे शरीर में दर्द बना रहता है और उनकी आंखों में भी दर्द रहता है वह अक्सर कापती रहती है , बेहोश होना, रोना और चिल्लाना उसकी आदत बन जाती है।

• चूड़ेल से परेशान व्यक्ति – चूड़ेल भी ज्यादातर किसी महिला को ही लगती है ऐसी महिला मुस्कुराती रहती है ऐसी महिला का कोई भरोसा नही होता की कब क्या कर दे । ऐसी महिला अगर शाकाहारी भी होती है तो मांस खाने लगती है।

● भूतों से बचने का उपाय – हिन्दू ग्रंथो में भूत से बचने के अनेकों उपाय के बारे में बताया गया है सबसे पहला उपाय यह है कि की गले में रुद्राक्ष की माला या ॐ का लॉकेट पहने हनुमान जी का स्मरण करते रहे । शराब न पिए न ही किसी प्रकार का मांस खाएं और मष्तक पर चंदन का तिलक लगाएं । हो सके तो 7 दिन में एक बार मंदिर जरूर जाएं । प्रेत बाधा निवारक हनुमान मंत्र – ऊँ ऐं ह्रीं श्रीं ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रैं ऊँ नमो भगवते महाबल पराक्रमाय भूत-प्रेत पिशाच-शाकिनी-डाकिनी-यक्षणी-पूतना-मारी-महामारी, यक्ष राक्षस भैरव बेताल ग्रह राक्षसादिकम्‌ क्षणेन हन हन भंजय भंजय मारय मारय शिक्षय शिक्षय महामारेश्वर रुद्रावतार हुं फट् स्वाहा।

इस हनुमान मंत्र का 5 बार जाप करने से भूत आपके कभी निकट नही आएंगे।

  1. भूत, प्रेत और नकारात्मक सक्तियों से बचने का उपाय ?
    उत्तर :- इस बार हम आपको कुछ भूत प्रेत और नकारात्मक सक्तियों से बचने का उपाय बताने वाले है।
  2. ज्योतिष के अनुसार अगर किसी घर में भूत-प्रेतों का वास है तो इससे बचने के लिए मंगलवार या शनिवार को सात लाल साबुत मिर्च के साथ थोड़ा-सा हींग लेकर पूरे घर के कोनों में छुआ दें। अब इसे किसी चौराहे पर रख आएं। ये काम करने के बाद पीछे मुड़कर न देखें। इससे प्रेत बाधा दूर होगीं।

2.अगर किसी घर में नकारात्मक ऊर्जा हो तो इसे दूर करने के लिए एक कपूर और काली मिर्च में एक चुटकी हींग मिलाकर जलाएं। अब इसका धुआं पूरे घर में दिखाएं। इससे घर में सकारात्मकता आएगी।

3.यदि किसी को रात में डरावने सपने दिखते हैं तो इससे छुटकारा पाने के लिए एक चुटकी हींग को पोटली में बांधकर तकिए के नीचे रख दें। इससे डरावने सपने नहीं आएंगे।

4.अगर किसी व्यक्ति पर ऊपरी बाधा है तो लहसुन के अर्क में हींग और कपूर पीसकर उसे रख लें। अब हल्के हाथों से इस मिश्रण को थोड़ा-सा पीड़ित व्यक्ति की दोनों आंखों में काजल की तरह लगा दें। इस दौरान ऊँ श्री हनुमते नमः मंत्र को 11 बार पढ़ें।

5.अगर किसी को बार-बार नजर लग जाती है तो उसे हींग वाले पानी से कुल्ला करना चाहिए। इससे नजरदोष हट जाता है। अगर ये उपाय होलिका दहन के दिन की जाए तो ज्यादा फलदायी होता है।

6.अगर आप आर्थिक बोझ तले दबे हैं तो हींग के पानी से नहाएं। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाएगी। इससे आपको कई बीमारियों में भी लाभ होगा।

◆ अगर आप घर में भूत, प्रेत, लड़ाई झगड़ा , या फिर किया कराया से परेसान है या फिर आपको अपना मनपसंद जीवन साथी नही मिल रहा है या आप किसी भी परेशानी में है तो पूज्य

गुरुदेव जी को Contact कर सकते है या आप उन्हें Whatsapp भी कर सकते है।

सपने में चावल देखना

सपने में चावल देखना, खाना, खरीदना, बेचना और दाल चावल खाना


  1. सपने में चावल देखना ?

उत्तर :- दोस्तों सपने सभी व्यक्ति को आते हैं कई बार हम सपने में चावल भी देखते हैं दोस्तों इस पोस्ट में हम आपको बताने वाले हैं कि अगर आपको सपने में चावल दिखाई दे तो इसका क्या मतलब होता है दोस्तों सपना हमें किसी भी समय दिखाई दे सकता है जब हम निंद्रा अवस्था में होते हैं तब आपको अपने शरीर पर कंट्रोल नहीं होता है तब हमें कई प्रकार के सपने दिखाई देते हैं कई बार हमें शुभ और कई बार हमें अशुभ सपने भी दिखाई देते हैं।

इन सभी सपनों का हमारे जीवन से कुछ ना कुछ लेना-देना होता है कई बार हमें सपने दिन या दोपहर में भी दिखाई देते हैं तरुण सपनों का कोई मतलब नहीं होता है सुबह 4:00 से 6:00 बजे के बीच दिखाई देने वाले सपने ही हमें फल देते हैं दोस्तों सपने में चावल आपको विभिन्न तरह से दिखाई दे सकता है, सपने में चावल खाना, सपने में चावल खरीदना, सपने में चावल बेचना, सपने में दाल चावल खाना और भी कई सपनों का मतलब हम आपको बताने वाले है तो दोस्तों आइए जानते है कि सपने में चावल देखने का क्या मतलब होता है ।

  1. सपने में चावल खरीदना ?

उत्तर :- स्वप्न ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सपने में चावल खरीदना एक शुभ फल देने वाला सपना माना गया है और यह सपना इस बात की और संकेत करता है कि इस समय आपको आर्थिक लाभ होने वाला है और इतना ही नहीं इस समय आपके घर परिवार में पैसे कि कमी नहीं रहने वाली है सपने में चावल खरीदना बेहद ही शुभ फल देने वाला सपना है,इस समय आपके अंदर कुछ आपको सकारात्मक बदलाव देखने के लिए मिलेगा सपने में चावल खरीदना सभी तरह से एक अच्छा सपना माना गया है तो दोस्तो अब हम आपको बताने वाले है की सपने में चावल बेचने का क्या मतलब होता है ।

  1. सपने में चावल बेचना ?

उत्तर :- दोस्तों स्वप्न ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सपने में चावल बेचना एक अशुभ फल देने वाला सपना माना गया है और यह सपना इस बात की और संकेत करता है कि इस समय आपको धन की कमी का सामना करना पड़ सकता है। और इतना ही नहीं सपने में चावल बेचना इस बात की और भी संकेत करता है कि आपको कुछ आर्थिक हानि का भी सामना करना पड़ सकता है अगर आप सपने में चावल को बेचते है तो आपके लिए यह सपना कि कोसी भी प्रकार से अच्छा सपना नहीं माना गया है ।

  1. सपने में दाल चावल खाना ?

उत्तर :- स्वप्न ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सपने में दाल चावल खाना एक शुभ फल देने वाला सपना माना गया है यह सपना यह बताता है कि इस समय आपको कोई शुभ समाचार प्राप्त होने वाला है और इतना ही नहीं सपने में दाल चावल खाना इस बात की और भी संकेत करता है कि इस समय आपके साथ कुछ अच्छा होने वाला है और इस समय आपको धन लाभ भी हो सकता है तो सपने मेंचावल देखना सभी तरह से एक बहुत ही शुभ फल देने वाला सपना माना गया है।

सपने में गणेश जी को देखना, मूर्ति, टूटी मूर्ति और फोटो देखने का मतलब


नमस्कार दोस्तों स्वप्न ज्योतिष शास्त्र की एक नयी जानकारी में आपका बहुत बहुत स्वागत है तो दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम बात करने वाले है कि सपने में गणेश जी को देखने का क्या मतलब है तो दोस्तों आज की इस पोस्ट में आपको में गणेश जी से जुड़े कुछ सपने के बारे जानकारी देना चाहता हूँ तो दोस्तों सपनें सभी ब्यक्ति को आते है सपने हमारे जीवन में होने वाली घटनाओं की हमे पहले ही सूचना दे देते है मगर कुछ लोग इसे मनाने से बिल्कुल ही इंकार करते है लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं है हमारे वेदों वा शस्त्रों में भी सपने के विषय मे विस्तार से बताया गया है जो लोग इसे नहीं जानते है वे सबसे पहले स्वप्न शस्त्र से जुड़ी कुछ बातों को जाने तो दोस्तों में आपको इस पोस्ट सपने से जुड़ी एक बात और बताने वाला हूँ जो है सपने मे गणेश जी को देखना, और दोस्तों आपको मेरी इस वेबसाइट में कुछ और भी पोस्ट मिल जाएंगी जैसे, सपने में गणेश जी की मूर्ति देखना, सपने में गणेश जी का मंदिर देखना, सपने में गणेश जी की फोटो देखना, सपने में गणेश जी की टूटी मूर्ति देखना ऐसे ही और भी सपनों का मतलब मे आपको अपने इस वेबसाइट मे बताने वाला हूं | तो आइये दोस्तों जानते है सपने में गणेश जी को देखने का क्या मतलब है।

  1. सपने में गणेश जी को देखना?

उत्तर :- स्वप्न ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सपने में गणेश जी को देखना शुभ फल देने वाला सपना है यह सपना यह बताता है कि आपको आने वाले समय सुख समृद्धि प्राप्त होने वाली है / और यह सपना यह भी बताता है कि आपके ऊपर गणेश जी का आशिर्वाद है, और आपके सारे रुके हुए कार्य पूरे होने वाले है सपने में गणेश जी की को देखना एक बहुत ही शुभ फल देने वाला सपना माना गया है अब दोस्तों हम आपको बताएंगे की सपने में गणेश जी की मूर्ति देखने का क्या मतलब है।

  1. सपने में गणेश जी की मूर्ति देखना?

उत्तर :- स्वप्न ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सपने मे गणेश जी की मूर्ति देखना यह सपना भी एक अच्छा सपना माना गया है

और दोस्तों अगर आपको सपने में गणेश जी की मूर्ति दिखाई देती है तो आप समझ जाइए की आपके उप्पर गणेश जी की कृपा है और अगर आप अभी किसी समस्या या आप किसी परेशानी मे है तो सपने में गणेश जी की मूर्ति आपको दिखाई देती है तो अब आपकी सारी परेशानी जल्द ही समाप्त होने वाली है और दोस्तों इतना ही नही और अगर आप किसी बीमारी से परेसान है या फिर आप बीमार है तो इस स्थिति मे आपको सपना आता है तो अब आप अपनी बीमारी से जल्द ही मुक्त होने वाले है और आप बीमार है तो आप जल्द ही ठीक हो जाएंगे तो दोस्तों सपने मे गणेश जी की मूर्ति देखना या स्वयं गणेश जी को देखना ये दोनों ही सपने आपके लिए एक बहुत ही अच्छा फल देने वाला सपना समझ सकते है या फिर आप ऐसा भी समझ सकते है कि भगवान गणेश जी का आशीर्वाद आप पर है।

  1. सपने में गणेश जी की टूटी मूर्ति देखना? उत्तर :- दोस्तों अब हम बात करेंगे कि सपने में किसी व्यक्ति को गणेश जी की टूटी हुई मूर्ति दिखाई देती है तो इस सपने का क्या मतलब है यह सपना शुभ है यह अशुभ आइए जानते है तो सपने में किसी भी प्रकार से अगर आपको गणेश जी की टूटी हुई मूर्ति या फिर उनकी खराब फोटो या गणेश जी की फटी हुई फोटो दिखाई देती है तो इस सपने का मतलब स्वप्न शास्त्र में बिल्कुल ही अशुभ फल देने वाला सपना माना गया है।
  2. सपने में गणेश जी की फोटो या तस्वीर देखना?

उत्तर :- सपने में अगर आपको किसी भी तरह से गणेश जी की फोटो या तस्वीर दिखाई देती है तो इसका क्या मतलब है तो दोस्तों स्वप्न ज्योतिष शास्त्र पर आधारित बात की जाए तो यह सपना एक अच्छा सपना माना गया है यह सपना आपको आपके कारोबार में आपके व्यापार मे धनलाभ की सूचना देने वाला सपना माना गया है तो अगर आपको गणेश जी से जुड़ा कोई सपना अगर आपको दिखाई देता है तो आप समझ जाए कि आपको सभी तरह कुछ ना कुछ लाभ होने वाला है जय माता दी..

सपने में शंकर भगवान को देखना

सपने में शंकर भगवान को देखना


दोस्तों आज की इस पोस्ट में भगवान शंकर से जुड़े सपने के बारे में बात करने वाले है तो दोस्तों सपने सभी व्यक्ति को आते है और सभी सपने अलग अलग होते है कोई अपने सपने में भूत प्रेत देखता है तो कोई अपने सपने मे शेर, चिता या तेंदुआ, देखता है, तो कोई अपने सपने में भगवान से जुड़े सपने देखता है तो कोई अपने सपने में आत्माओं से जुड़े सपने देखता है तो वैसे ही सभी व्यक्ति को अलग अलग प्रकार से सपना आता है | पर भगवान से जुड़े सभी सपने शुभ होते है जैसे सपने मे शंकर भगवान को देखना गणेश और माता लक्ष्मी या भगवान श्री कृष्ण से जुड़े सपने देखना या फिर सपने में शंकर जी के अस्त्र शस्त्र देखना या सपने में त्रिशूल या डमरू देखना या सपने में भूत प्रेतों से जुड़े सपने देखना तो दोस्तों सपने में भगवान को देखना यह सपना निश्चिंत ही एक बहुत अच्छा फल देने वाला सपना माना गया है दोस्तों आप हमारे साथ इस पूरी पोस्ट को जरुर पढ़े क्योंकि पोस्ट के अंत में हमने भगवान शंकर से जुड़े सपने के बारे में बताया है, तो दोस्तों आज कि इस पोस्ट में हमने बताया है कि सपने में शंकर जी को देखना, सपने में त्रिशूल देखना, सपने में शंकर जी का डमरू देखना, और भी दोस्तों ऐसे और भी सपनो का मतलब हमने आज की इस पोस्ट में बताया है, तो आइये दोस्तों सबसे पहले हम बात करेंगे सपने में शंकर भगवान को देखने का क्या मतलब है।

  1. सपने में शंकर भगवान को देखना?

उत्तर :- स्वप्न ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सपने में शंकर भगवान को देखना एक शुभ फल देने वाला सपना माना गया है यह सपना आपको यह बताता है कि अगर आपके घर परिवार में लंबे समय से परेसानी चल रही है और अगर आप बीमार है या आप किसी बीमारी से परेसान है तो आपके सपने शंकर भगवान आते है तो अब आप समझ आइए की आपकी सारी परेशानियां जल्द ही समाप्त होने वाली है वेसे भगवान शिव से जुड़े सपने बहुत ही कम व्यक्ति को आते है, जिस भी व्यक्ति को भगवान शंकर का सपना आता है उसकी सारी परेशानियां ऐसे ही समाप्त हो जाती है, शंकर जी जिस भी व्यक्ति को अपना दरसन देते है उस व्यक्ति को समझ जाना चाहिए कि उस पर भगवान शिव की कृपा है और अब उसकी सारी इच्छाएं जल्द ही पूरी होने वाली है, तो दोस्तों भगवान शिव से जुड़ा यह सपना बहुत ही शुभ फल देने वाला सपना है और दोस्तों अब हम आपको भगवान शिव से कुछ जुड़े सपने के बारे में बताने वाले है।

  1. सपने में शंकर पार्वती को देखना?

उत्तर :- सपने में शिव पार्वती को देखना एक शुभ फल देने वाला सपना है यह सपना यह बताता है कि अगर पति पत्नी में जादा समय से मतभेद हो रहा है तो अगर पति पत्नी में किसी को भी अगर ऐसा सपना आए तो समझ जाइए की अब जल्द ही सब कुछ ठीक होने वाला है।

  1. सपने में त्रिशूल देखना?

उत्तर :- सपने में भगवान शिव जी के त्रिशूल का आना भी एक अच्छा फल देने वाला सपना है और और दोस्तों शस्त्रों में त्रिशूल को शक्ति का प्रतीक माना जाता है और अगर किसी भी व्यक्ति के सपने में त्रिशूल दिखाई देता है तो वह व्यक्ति समझ जाए कि अब उसकी सारी परेशानियां समाप्त होने वाली है और दोस्तों इतना ही नहीं त्रिशूल का सपने में आना यह भी संकेत देता है कि अब आपके शत्रु आपसे पंगा नहीं लेंगे तो दोस्तों आपको समझ मे आही गया होगा कि सपने में त्रिशूल का आना इसलिए एक अच्छा सपना माना गया है अब दोस्तों हम शंकर जी के डमरू के बारे में बात करने वाला हूं तो आइये दोस्तों जानते है कि सपने शंकर जी का डमरू देखने का क्या मतलब है..

  1. सपने में डमरू देखना?

उत्तर :- स्वप्न ज्योतिष शस्त्र के अनुसार सपने मे शंकर जी का डमरू देखना एक शुभ फल देने वाला सपना माना गया है और अगर आपके सपने मे अगर आपको सपने में शंकर जी के डमरू की आवाज भी अगर आपको सुनाई देती है तो आप समझ जाइए की आपको जल्द ही कोई शुभ समाचार प्राप्त होने वाला है तो सपने में डमरू देखना शुभ फल देने वाला सपना माना गया है!

  1. सपने में शंकर भगवान का मंदिर का मंदिर देखना?

उत्तर :- सपने मे शंकर जी का मंदिर देखना एक शुभ फल देने वाला सपना है अगर आप जादा समय से बीमार है या फिर आप किसी परेशानी में हैं तो यह सपना देखने के बाद आपकी सारी परेशानी समाप्त होने वाली है तो दोस्तों सपने में शंकर भगवान का मंदिर देखना एक शुभ फल देने वाला सपना माना गया है!

  1. सपने में शिव जी का सांप देखना?

उत्तर :- स्वप्न ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सपने में शिव जी का सांप देखना एक अच्छा सपना माना गया है और यह सपना यह बताता है कि आपको जल्द ही आपको आर्थिक लाभ होने वाला है यानी कि भगवान शिव यानी कि शंकर जी से जुड़े सभी सपने धनलाभ की और संकेत करते है और सभी शुभ सपने है!

सपने में माता लक्ष्मी को देखना

सपने में माता लक्ष्मी को देखना


नमस्कार दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम सपने में माता लक्ष्मी से जुड़े सपने के बारे मे बात करने वाला हूं तो दोस्तों सपने पहले हम माता लक्ष्मी से जुड़ी कुछ चीजों के बारे में बात करेंगे तो दोस्तों आप सभी जानते है ही की माता लक्ष्मी को धन की देवी माना जाता है माता लक्ष्मी जिस भी व्यक्ति से प्रसन्न हो जाती है उसका घर पैसों से भर देती है और दोस्तों इतना ही नहीं माता लक्ष्मी जिस भी व्यक्ति से खुश हो जाए उसकी परेशानियां ऐसे ही समाप्त हो जाती है और माता लक्ष्मी प्रसन्न हो जाए तो आपको करोड़ पति बनने से कोई नहीं रोक सकता | माता लक्ष्मी की जितनी बात की जाए उतना कम है और ऐसे में अगर कभी किसी व्यक्ति के सपने मे माता लक्ष्मी आती है तो उसे समझ जाना चाहिए कि माता लक्ष्मी की कृपा दृष्टि उस पर है तो दोस्तों में आपको बता देना चाहता हूं कि अपनी वेबसाइट पर इससे जुड़ी पोस्ट भी लिखने वाला हूं // तो दोस्तों सपने में माता लक्ष्मी की मूर्ति देखने का क्या मतलब है, सपने में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश को देखना, सपने में माता लक्ष्मी को कुबेर के साथ देखना और भी आपको ऐसे सप सपने ने दिखाई दे सकते हैं तो हमारी वेबसाईट पर कमेन्ट करना ना भूलें / तो आइये दोस्तो जानते है सपने में माता लक्ष्मी को देखने क्या मतलब है..

  1. सपने में माता लक्ष्मी को देखना?

उत्तर :- सपने मे माता लक्ष्मी को देखना एक शुभ फल देने वाला सपना माना गया है और यह सपना आपको यह बताता कि अब आपकी सारी परेशानियां जल्द ही समाप्त होने वाली है और दोस्तों इतना ही नहीं सपने में माता लक्ष्मी का आना यह भी संकेत देता है कि आपकी जॉब या आपके व्यापार में भी एक बड़ा लाभ होने वाला है तो सभी तरह सपने में माता लक्ष्मी को देखना एक बहुत ही शुभ फल देने वाला सपना माना गया है कई बार तो माता लक्ष्मी का सपना व्यक्ति को बहुत धनवान भी बना देता है तो माता लक्ष्मी का सपने मे आना एक धनवान व्यक्ति बनने का भी संकेत देता है तो दोस्तों सभी तरह से माता लक्ष्मी के सपना आपका भाग्य बदल सकता है //

  1. सपने में माता लक्ष्मी की मूर्ति देखना?

उत्तर :- सपने में माता लक्ष्मी की मूर्ति देखना भी एक अच्छा सपना माना गया है, यह सपना भी आपके जीवन में सुख – समृद्धि और धनलाभ का संकेत देता है और सपने में अगर माता लक्ष्मी की टूटी हुई मूर्ति दिखाई दे तो समझ जाए आप को धन हानि होने वाली है और जल्द ही आपको किसी प्रकार की परेशानि का सामना करना पड़ सकता है तो सपने में माता लक्ष्मी की मूर्ति देखना तो शुभ फल देने वाला सपना माना गया है लेकिन उनकी टूटी हुई मूर्ति देखना शुभ फल देने वाला सपना नहीं माना गया है।

  1. सपने में माता लक्ष्मी का मंदिर देखना?

उत्तर :- स्वप्न ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सपने में माता लक्ष्मी का मंदिर देखना शुभ फल देने वाला सपना माना गया है और यह सपना यह बताता है कि आपको किसी प्रकार से धन लाभ होने वाला है और यह सपना आपको यह भी बताता है कि आपको जल्द ही किसी प्रकार की खुशी भी प्राप्त होने वाली है तो सभी प्रकार से सपने में माता लक्ष्मी का मंदिर देखना एक शुभ फल देने वाला सपना माना गया है और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार माता लक्ष्मी से जुड़े लगभग सभी सपने एक अच्छे सपने है..