टोटके का अर्थ

टोटके का अर्थ


टोटके का अर्थ है दैवीय बाधा को दूर करने के लिए किया जाने वाला वह प्रयोग जो किसी अलौकिक शक्ति या भूत-प्रेत आदि पर विश्वास करके किया जाए l टोटके करते समय किसी प्रकार की रोक-टोक न हो तो ये शीघ्र प्रभावी होते हैं l यदि टोटका करते समय किसी प्रकार की रोक – टोक होती है तो टोटका निष्फल हो जाता है l

टोटके का प्रयोग कौन कर सकता है?

यह भी तथ्य है की टोटके हर धर्म व हर समान में किए जाते हैं l इन्हे तंत्र का ही एक रूप माना जाता है l टोटकों की शक्ति के प्रभाव से किसी भी व्यक्ति के मनोरथ की पूर्ति संभव है, इसमें कुछ भी विचारणीय नहीं है l तंत्र में जिस तरह वनस्पति पक्षियों व पशुओं के विभिन्न शारीरिक अंगों का प्रयोग किया जाता है l उसी तरह टोटकों में भी इन्हें उपयोग में लाया जाता है l लेकिन ध्यान रहे की इस कार्य हेतु जीव हिंसा न करें l यह सामाग्री सहजता से प्राप्त करें l

टोटके आज से नहीं, सदियों में प्रयोग में लाये जाते रहे हैं l इस प्रकार ये पीढ़ी – दर – पीढ़ी चले आ रहे हैं l टोटकों के बारे में ऐसा माना जाता है की इनको करते समय यदि कोई देख ले या टोक दे तो इनका प्रभाव समाप्त हो जाता है l इसीलिए कहा गया है की टोटके बड़े प्रयासपूर्वक किए जाने चाहिए l

इसका मूल कारण इसमें निहित संकल्प शक्ति व अटूट श्रद्धा है l यदि किसी ने टोक किया तो समझो की टोटकाकर्ता का ध्यान भंग होकर उसकी संकल्प शक्ति भी डगमगा जाती है और टोटका बेअसर हो जाता है और लाभ नहीं मिल पाता है l

कब करते हैं टोटके का प्रयोग?

टोटकों में दिन व स्थान का भी बड़ा महत्व है l ये क्रूर वारों जैसे, मंगल शनि को विशेष प्रभावी होते हैं तथा इन्हें सुबह जल्दी, दोपहर, संध्याकाल अथवा रात्रि में चौराहे, कुएं, मंदिर, नदी तट, प्रेतभूमि (शमशान) में ही करना उचित माना जाता है l