नवरत्न अंगूठी धारण करने के अत्यंत लाभकारी फायदे


नमस्कार मित्रों इस लेख में आपका स्वागत है आज हम जानने वाले हैं कि नवरत्न की अंगूठी धारण करने के अत्यंत लाभकारी फायदे कौन कौन से हैं – नवरत्न की अंगूठी को किसी भी राशि का जातक धारण कर सकता है क्योंकि इसके अंदर सभी रत्नों की शक्तियां शामिल है।

नवरत्न की अंगूठी में माणिक, मोती, मूंगा, पन्ना, पुखराज, हीरा, गोमेद और लहसुनियां ये नवग्रह के रत्न शामिल होते हैं इसीलिए जातक को इन नवरत्नों का लाभ प्राप्त होता है ये नवों रत्न एक साथ मिलकर जातक को आरोग्यता, आयु, धन लाभ और मान सम्मान, पारिवारिक शांति जैसे आशीर्वाद प्रदान करते हैं ।

नवग्रह के कुंडली में दुष्प्रभावों से ही जातक को उसके जीवन में परेशानियां उठानी पड़ती है और इन्हीं दुष्प्रभावों से बचने के लिए ज्योतिषी नवरत्न धारण करने की सलाह देते हैं। नवरत्न की अंगूठी या माला ग्रहों के अनिष्ट प्रभावों को दूर करता है और जो ग्रह कुंडली में लाभकारी होते हैं उन्हें और शक्तिशाली बनाता है।

मित्रों वैदिक ज्योतिष में नवग्रहों का वर्णन किया गया है जिसमें सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि और राहु केतु शामिल हैं। जब किसी व्यक्ति का जन्म होता है तो ये नवग्रह जातक के कुंडली में बारह भावों में शुभ और अशुभ योग का निर्माण करते हैं और ग्रहों में बन रहे इन्हीं योग के प्रभावों से जातक का जीवन प्रवाहित होता है।

नवग्रहों के अनुसार ही नवरत्नों की उत्पत्ति हुईं है जो हमारे जीवन में शुभ प्रभाव डालते हैं साक्षात माता लक्ष्मी और श्री हरि का वास होने के कारण नवरत्न जातक के जीवन को बदल देते हैं इसे धारण करने वाले जातक के जीवन में धन की कभी कमी नहीं होती ।

वास्तु में भी नवरत्न अंगूठी का अत्यधिक महत्व माना गया है, नवरत्न अंगूठी शुद्ध धातुओं से निर्मित होती है और इसमें नवरत्न जड़े हैं इसीलिए इसके सकारात्मक प्रभाव के कारण जातक सभी परेशानियों का सामना आत्मविश्वास के साथ करता है और अपने जीवन में कभी दुखी नहीं होता ।

नवरत्न अंगूठी के फायदे

मित्रों नवरत्न अंगूठी सभी ग्रहों के दुष्प्रभावों को दूर करने के लिए है इसीलिए इसके अनेकों फायदे हैं चलिए इन लाभों की और हम अपना ध्यान केंद्रित करते हैं –

(1) हड्डी के रोग, अपच, दस्त, रीड की समस्या, लो और हाई ब्लड प्रेशर में लाभ प्राप्त होगा।

(2) मन की शांति के लिए और तनाव दूर करने के लिए इसे धारण करना चाहिए और यह डर को दूर करता है और इसके माध्यम से अच्छी नींद की प्राप्ति होती है।

(3) सुगर में लाभ, मान सम्मान में वृद्धि होती है समाज में मान प्रतिष्ठा बढ़ता है, आलस से छुटकारा मिलता है और रक्त के रोगों में लाभ प्राप्त होता है।

(4) बुद्धि में विकाश और स्मरण शक्ति में लाभ के लिए भी इसे धारण किया जाता है इसके अलावा नेत्र रोगियों को लाभ और इसे धारण करने से धन आने के अनेकों मार्ग उत्पन्न होते हैं ज्योतिषाचार्यों के अनुसार व्यापारी को अवश्य धारण करना चाहिए।

(5) कार्यक्षेत्र में सफलता के लिए और अगर आपका विवाह नहीं हो रहा है तो इसे अवश्य धारण करें इसके अलावा सरकारी नौकरी वालों को इसे जरूर धारण करना चाहिए प्रोमोशन की प्राप्ति होती है।

(6) वैवाहिक सुख की प्राप्ति के लिए और लंबी आयु के लिए इसे धारण करना चाहिए और मधुमेह, मूत्र रोग, किडनी रोग में लाभ भी प्रदान करता है।

(7) शनि के प्रभाव और काला जादू से बचाव होता है इसके अलावा व्यापार में वृद्धि और पदोन्नति के लिए इसे अवश्य धारण करना चाहिए ।

(8) मित्रों अगर आप राजनीति में हैं तो इसे अवश्य धारण करें आपको अत्यधिक लाभ प्राप्त होगा।

(9) शारीरिक कष्टों छुटकारा मिलेगा, अवसाद, लकवा, कैंसर जैसी बामरियों में लाभ प्राप्त होगा इसके अलावा शेयर बाजार में लाभ हेतु भी इसे धारण किया जाता है।

नवरत्न अंगूठी किसे धारण करना चाहिए

अगर आप मानसिक रूप से परेशान है या आप पर कोई ग्रह दोष है तो इसे आपको अवश्य धारण करना चाहिए।

नवरत्न धारण करने से शरीर की अस्मियों की मात्रा समान हो जाती है जिससे जातक का शरीर निरोगी जो जाता है और वह हमेशा आकर्षित बना रहता है।

अगर आपको बिलकुल भी सम्मान नहीं मिलता आपकी मेहनत, आपका श्रेय आपको नहीं मिलता तो ऐसी परिस्थिति में आपको नवरत्न धारण करना चाहिए।

अगर आपके घर में पैसा नहीं रुकता या आप कर्ज में डूबे हैं और ऐसी स्तिथि में आपको नवरत्न धारण करना चाहिए।

अगर आपकी आर्थिक स्तिथि कमजोर है तो ऐसी स्तिथि में आपको नवरत्न अवश्य धारण करना चाहिए ये धन के आने के अनेकों मार्ग उत्पन्न करता है जिससे आपको कभी धन की कमी नहीं होगी।

अगर आप रोगों से परेशान हैं तब भी आपको नवरत्न की अंगूठी धारण करनी चाहिए इससे आपको स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होगा।

नवरत्न अंगूठी को धारण करने की विधि –

नवरत्न की अंगूठी शनिवार को छोड़ कर सुबह प्रात : काल स्नान के पश्चात पूजा करने के बाद इसे धारण कर सकते हैं धारण करने से पूर्व आपको अपने कुलदेवता या श्री हरी नारायण कि पूजा कर लेनी है उसके पश्चात आप अपने दाहिने हाथ के मध्यम उंगली में इसे पहन लें।

नवरत्न की अंगूठी कहां से खरीदें

मित्रों यह लेख आपको कैसा लगा कमेंट में जरूर बताएं और इस लेख को अपने मित्रों में अवश्य शेयर करें जिससे वे भी इस रोचक जानकारी का लाभ प्राप्त कर सकें।

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