दिव्यदृष्टि कैसे प्राप्त करें ? और इसके अत्यंत शक्तिशाली फायदे


आप सभी ने तीसरी आंख के बारे में तो सुना ही होगा इसी को दिव्य नेत्र, दिव्य चक्षु और दिव्य दृष्टि आदि नामों से जाना जाता है। इस नेत्र के खुलने पर मनुष्य के जीवन में ऐसी शक्तियों का संचार होता है जिसका कोई अनुमान भी नहीं लगा सकता । इस नेत्र के खुलने पर भूत, भविष्य और वर्तमान आसानी से जाना जा सकता है, घर बैठे तीनों लोकों की यात्रा की जा सकती है।

किन किन को मिली दिव्य दृष्टि – divya drishti kaise prapt kare

मित्रों इतिहास में कुछ ऐसे महापुरुष हुए जिन्हें दिव्य दृष्टि प्रदान की गई थी आइए उनके बारे में जानते हैं –

(1) आप सभी जानते है महाभारत में धृतराष्ट्र जन्मांध थे इसीलिए वे महाभारत का युद्ध देख नहीं सकते थे उनकी इस कठिनाई को देखते हुए भगवान श्री कृष्ण ने संजय को दिव्य दृष्टि प्रदान कि जिससे वे महाभारत युद्ध की पल पल की खबर जान सकें।

(2) भगवान वाल्मीकि के पास भी दिव्य दृष्टि थी जिससे वे एक स्थान पर बैठे भूत, भविष्य और वर्तमान देख लिया करते थे जिसकी मदद से ही उन्होंने भगवान राम के जन्म से पहले ही पूरी रामायण लिख दी थी । पूरे रामायण में इन्होंने दिव्य दृष्टि का अनेक बार प्रयोग किया था।

(3) गीता के ज्ञान के समय जब भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को विराट स्वरूप दिखाया तो उस समय अर्जुन को भगवान कृष्ण द्वारा दिव्य दृष्टि प्रदान की गई थी जिससे वे श्री हरी के इस महाशक्तिशाली रूप का दर्शन कर सकें लेकिन ये दिव्य दृष्टि कुछ समय के लिए ही दी गई थी।

दिव्य दृष्टि को मंत्र, शक्तिपात, साधना से प्राप्त किया जा सकता है यदि गुरु शक्तिपात कर दे तो यह मिलने वाले व्यक्ति का सौभाग्य ही होगा कि उसे बिना कठिनाई के दिव्य दृष्टि प्राप्त हो गई इसके अलावा इसे कर्ण पिसाचिनी के माध्यम से भी प्राप्त किया जा सकता है कर्ण पिसाचीनी भूत और वर्तमान बता सकती है भविष्य नहीं। इसीलिए इसे मंत्र और साधना के माध्यम से प्राप्त किया जाता है।

दिव्य दृष्टि को प्राप्त करने के महाशक्तिशाली फायदे – divya drishti kaise prapt kare

मित्रों दिव्य दृष्टि प्राप्त करने से पहले इसके लाभ जानना अत्यंत आवश्यक है जिससे आपकी दिव्यदृष्टि प्राप्त करने की उत्सुकता अधिक तीव्र हो।

(1) दिव्य दृष्टि के माध्यम से एक स्थान पर बैठे तीनों लोकों के दर्शन कर सकते है। घर बैठे बैठे विदेश का आनंद प्राप्त कर सकते हैं कहीं जाने की आश्यकता नहीं पड़ेगी।

(2) दिव्य दृष्टि के माध्यम से भूत, भविष्य और वर्तमान जाना जा सकता है इसके एक स्मरण मात्र से आप कहीं का भी हाल जान सकते हैं, घर पर बैठे गांव का हाल जान सकते हैं और इससे भविष्य की बातें भी जान सकते हैं कि आपके आने वाले समय में आपके साथ क्या होगा इन सभी बातों को आप जान सकते हैं इसके अलावा भूतकाल की बातें भी जानी जा सकती हैं।

(3) दिव्य दृष्टि से भगवान के दर्शन किए जा सकते हैं इसके माध्यम से आप किसी भी देवी और देवता को प्रत्यक्ष देख सकते है उनसे बातें कर सकते हैं सत्य लोक, इन्द्र लोक, यम लोक, स्वर्ग लोक, नर्क लोक, सर्प लोक, ध्रुव लोक, तपो लोक, पाताल लोक, महर लोक, सप्तऋषि लोक ऐसे ही अनेकों लोकों के दर्शन कर सकते हैं।

(4) खोई हुई चीजों का पता लगाया जा सकता है अगर आपकी कोई चीज चोरी हो गई है या खो गई है तो दिव्य दृष्टि के माध्यम से उसके नाम स्मरण मात्र से ही वह वस्तु कहां हैं वह आपको दिखने लगेगी जिससे आप अपने वस्तु कि पुन: प्राप्ति कर सकते हैं।

(5) समक्ष खड़े व्यक्ति के मन की बातें जान सकते हैं कि वह आपके लिए क्या सोचता है अभी हाल में क्या सोच रहा है और इसके माध्यम से आप किसी का सम्मोहन भी कर सकते हैं दिव्य दृष्टि यह एक त्राटक का ही हिस्सा है त्राटक के माध्यम से दिव्य दृष्टि की प्राप्ति करना यह थोड़ा मुश्किल है लेकिन इसके लिए गुरु से संपर्क होना अति आवश्यक है।

(6) मित्रों दिव्य चक्षु के खुलने से मनुष्य के जीवन में प्रलय आ जाता है वह ब्रह्म ज्ञानी हो जाता है उसे लौकिक, अलौकिक और पारलौकिक का समस्त ज्ञान प्राप्त हो जाता है वह इस लौकिक मोहमाया में न फंसकर परमात्मा को प्राप्त हो जाता है इसके एक बार खुलने से ये कभी बंद नहीं होता लेकिन इसका प्रयोग हमेशा करते रहना चाहिए।

(7) इसी के माध्यम से हमारे ऋषि और मुनि समाधि धारण करते थे । दिव्य दृष्टि के प्राप्त होने पर आसानी से समाधि लिया जा सकता है बिना दिव्य दृष्टि के समाधि लेना संभव नहीं है। आज भी ऐसे बहुत से महान ऋषि है जो समाधि लेना जानते हैं इनमें से हमारे गुरु राजकुमार दासजी को गिना जा सकता है।

दिव्य दृष्टि कैसे प्राप्त करें – divya drishti kaise prapt kare

मित्रों त्राटक साधना एक लंबी प्रक्रिया है और इसे बिना गुरु के सानिध्य में नहीं करना चाहिए अगर आप त्राटक साधना के माध्यम से दिव्य दृष्टि प्राप्त करना चाहते हैं तो आप हमारे पूज्य गुरुजी से संपर्क कर सकते हैं उनके सानिध्य में आप आसानी से दिव्य दृष्टि प्राप्त कर सकते हैं।

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